फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nainital News: गुजारा-भत्ते की अर्जी पर मेरिट के आधार पर फैसला लिए जाने के निर्देश

Thu, 08 Oct 2026 02:30 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
विज्ञापन
प्रतीकात्मक
विज्ञापन
नीताल। हाईकोर्ट ने कहा कि गुजारा-भत्ता दिए जाने के मामले में पत्नी को उस जगह पर स्थायी रूप से रहने का सबूत देने की जरूरत नहीं है, जहा वह अपनी अर्जी दाखिल करती है। न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
विज्ञापन

मामले के अनुसार नैनीताल की फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज के आदेश के खिलाफ महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। फैमिली कोर्ट ने उनकी गुज़ारा-भत्ते की अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि मामले की सुनवाई के लिए उसके पास अधिकार-क्षेत्र नहीं है। महिला की ओर से कहा गया कि भरण पोषण पाने के लिए कार्यवाही वहां शुरू की जा सकती है जहा पत्नी रहती है और इसके लिए उसका उस जगह का स्थायी निवासी होना जरूरी नहीं है। महिला अपने नाबालिग बच्चे के साथ अर्जी दाखिल करने से लगभग दो माह पहले से नैनीताल में अपनी मौसी के साथ रह रही थी। प्रतिवादी ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि नैनीताल में कार्यवाही सिर्फ उसे परेशान करने के लिए शुरू की गई थी। उसने कहा कि शादी दिल्ली में हुई थी, बच्चा दिल्ली में पैदा हुआ था। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ इन बातों के आधार पर नैनीताल की फैमिली कोर्ट का अधिकार-क्षेत्र खत्म नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने मामले को वापस उसी कोर्ट में भेज दिया और निर्देश दिया कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद गुजारा-भत्ते की अर्जी पर मेरिट के आधार पर फैसला किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें