राजकीय, अशासकीय और प्राइवेट स्कूलों में प्रारंभिक शिक्षा पढ़ाने वाले अप्रशिक्षित शिक्षक अब डीएलएड प्रशिक्षण के लिए सीधे राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान (एनआईओएस) की वेबसाइट में आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए शिक्षकऔर प्रधानाचार्य को अलग-अलग लॉग इन आईडी बनानी होगी। शिक्षक के आवेदन को प्रधानाचार्य अपनी आईडी से सत्यापित करेंगे।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए डीएलएड अनिवार्य किया है। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को अप्रशिक्षित शिक्षकों की सूची विवरण सहित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को 16 अगस्त तक भेजने के निर्देश दिए थे।
पूरे प्रदेश से सूची एकत्र कर निदेशालय के माध्यम से एनआईओएस में पंजीकरण को भेजी जानी थी। एनआईओएस से ही प्रधानाचार्यों को स्कूल कोड और पासवर्ड मिलना था। इस पर अप्रशिक्षित शिक्षकों को 15 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन करना था। लेकिन समय कम होने के कारण ज्यादातर स्कूल सूची नहीं भेज सके थे।
सूची भेजने और पूरी प्रक्रिया में हो रही देरी और दिक्कतों के मद्देनजर विभाग ने नियमों में बदलाव किया है। अब सूची भेजने के बजाए प्रधानाचार्य और अप्रशिक्षित शिक्षक को एनआईओएस की वेबसाइट में जाकर आईडी बनानी होगी। अप्रशिक्षित शिक्षक को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दिए गए प्रारूप को भरना होगा।
अप्रशिक्षिक शिक्षकों के आवेदन को प्रधानाचार्य सत्यापित करेंगे, जिसके बाद ही अप्रशिक्षित शिक्षकों का पंजीकरण डीएलएड प्रशिक्षण के लिए एनआईओएस में हो सकेगा। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक गोपाल भारद्वाज ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण की आखिरी तिथि 15 सितंबर है।
अब सीधे अप्रशिक्षित शिक्षक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विद्यालयों को ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में जानकारियां दी जा रही हैं। इसके लिए विज्ञप्ति भी प्रकाशित की जा चुकी है। जिले के 257 स्कूलों ने 2112 अप्रशिक्षित शिक्षकों की सूची भेजी है। जिसकी संख्या निदेशालय को भेजी जा रही है।
50 फीसदी प्राप्तांक हैं अनिवार्य
शिक्षा विभाग ने डीएलएड प्रशिक्षण के लिए सामान्य वर्ग में कक्षा 12वीं में न्यूनतम योग्यता 50 फीसदी निर्धारित की है। एससी, एसटी, ओबीसी के अभ्यर्थियों को पांच फीसदी छूट मिलेगी। जिनके प्राप्तांक 50 फीसदी और उससे अधिक नहीं है, उन्हें प्रशिक्षण में औपबंधिक प्रवेश दिया जाएगा।
ऐसे शिक्षकों को अंक सुधार के लिए एनआईओएस की 12वीं की परीक्षा में शामिल होना होगा। परीक्षा में 50 फीसदी और उससे अधिक अंक होने की स्थिति में ही शिक्षक को डीएलएड का प्रशिक्षण प्रमाण पत्र मिलेगा।