हल्द्वानी। यूपी की तरह उत्तराखंड में भी साइबर अपराधी उत्तराखंड पुलिस के क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) पोर्टल तक न पहुंच पाएं इसके लिए अब पोर्टल सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है। करीब पांच दिन से पोर्टल का सर्वर डाउन होने के कारण प्रभावित है। नई तकनीक और सुरक्षा इंतजामों के साथ सीसीटीएनएस 2.0 वर्जन में साइबर हमलों से बचाव के साथ नागरिकों के डेटा की सुरक्षा और निजता पर अधिक जोर रहेगा।
उत्तर प्रदेश में साइबर ठगी के कुछ मामले सामने आए थे जिनमें ठगों ने यूपी के सीसीटीएनएस पोर्टल (यूपी कॉप) से प्राथमिकी डाउनलोड कर पीड़ितों को कॉल की। इसके बाद फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर उनसे ठगी की गई। ऐसे मामलों को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से नए अपग्रेड सिस्टम में बदलाव कर रही है। नए वर्जन के बाद पोर्टल पर दर्ज होने वाली सभी प्राथमिकी पहले की तरह सार्वजनिक रूप से आसानी से उपलब्ध नहीं होगी। संवेदनशील मामलों की जानकारी तक पहुंच को नियंत्रित करने के लिए लॉगिन, सत्यापन और एक्सेस कंट्रोल जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा। देशभर में सीसीटीएनएस को अब इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) से भी जोड़ा जा रहा है।
सीसीटीएनएस पोर्टल को अपग्रेड किया जा रहा है। सुरक्षा मानकों को बढ़ाया गया है। जल्द ही इसे दोबारा सुचारू कर दिया जाएगा। - डॉ. नीलेश आनंद भरणे, आईजी साइबर, उत्तराखंड