डीआईजी (कुमाऊं) पुष्कर सिंह सैलाल ने कहा कि नेपाल त्रासदी के बाद देश में माओवाद की घुसपैठ का खतरा बढ़ गया है। इसके मदद्ेनजर सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। साथ ही सीमा क्षेत्र से लगे थाना प्रभारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।
डीआईजी कार्यालय में हुई भेंट में उन्होंने कहा कि बीते दिनों नेपाल त्रासदी के बाद वहां माओवाद का ढांचा कमजोर हुआ है, साथ ही आर्थिक नुकसान भी पहुंचा है। ऐसे में वह आर्थिक संपन्नता और खोई ताकत को पुनर्स्थापित करने के लिए देश में घुसपैठ कर सकते हैं। इसी के मद्देनजर पुलिस की ओर से भी व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
सोमेश्वर और बाड़ीछिना में पर्चे संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1976 के तहत धारा 3 (1) 10 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे। डीआईजी ने कहा कि 20 मई को पुलिस अधिकारियों की मासिक अपराध समीक्षा बैठक में भी समीक्षा के साथ अधिकारियों को इस बाबत भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
खत्तों में की कांबिंग
लालकुआं (नैनीताल)। एसएसपी के निर्देश पर माओवादी गतिविधियाें की संभावना के मद्देनजर सीओ बचन सिंह राणा के नेतृत्व में एलआईयू और एसओटीएफ की टीम ने प्रभारी कोतवाल वीसी पंत ने टांडा वन आरक्षित क्षेत्र स्थित गुज्जर खत्ता, सांप कठानी खत्ता, तेजपुर नेगी खत्ता के जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाया। निरीक्षण में सब कुछ सामान्य मिला। टीम ने वहां रह रहे लोगों को माओवादी और संदिग्ध लोगों के देखे जाने पर जानकारी देने को भी कहा। टीम में कोतवाल विपिन चंद्र पंत, एसओटीएफ इंचार्ज चंद्रशेखर उपाध्याय, हेम चंद्र, एलआईयू इंचार्ज प्रकाश भट्ट, हेड कांस्टेबल जीवन सिंह अधिकारी, चंद्रशेखर जोशी, संजीव राणा, विजय यादव आदि थे।