हल्द्वानी। पिछले कुछ दिनों से कार्य बहिष्कार पर अड़े उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय कर्मचारी संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर उन्हें धोखे में रखने का आरोप लगाया है। प्रशासन से बातचीत के बाद संगठन कर्मचारी वित्त समिति की बैठक होने तक शनिवार से काम पर लौट आये थे। वहीं वित्त समिति की बैठक के बाद भी मांगें स्वीकार न होने पर कर्मचारी एक बार फिर भड़क उठे हैं। उन्होंने एक बार फिर से कार्य बहिष्कार करके धरना-प्रदर्शन पर लौटने की घोषणा की है।
मुक्त विश्वविद्यालय के कर्मचारी 14 मार्च से दस सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। शनिवार को वित्त समिति व शिक्षक संघ अध्यक्ष राजेश आर्या और कुलसचिव पीडी पंत की बातचीत हुई थी। इसके बावजूद भी प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस कदम ना उठाने पर बातचीत असफल हो गई। इससे नाराज होकर कर्मचारी संगठन ने कार्य बहिष्कार जारी रखने का ऐलान किया है। शनिवार को हुई सभा में निर्णय लिया कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर शिक्षक संघ अध्यक्ष भूपेन सिंह ने संविदा शिक्षकों को भी एक समान वेतन व प्रतिवर्ष उनके वेतन में 12 फीसदी की बढ़ोतरी किए जाने की मांग की। इस मौके पर शिक्षक संघ अध्यक्ष राजेंद्र कैड़ा, चारू जोशी, मनमोहन त्रिपाठी, गोकुल भट्ट, कैलाश राम, रविंद्र चन्याल, मनीष सिंह, मधु डोगरा, नीमा उप्रेती, कमला राठौर, रेणू भट्ट, ऋतु बोरा, आकांक्षा रावत, लक्ष्मी धामी, दीपक पंत आदि थे।