बीते दिवस कोसी दाबका में अवैध खनन की जांच करने गए वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी को कुचलने के प्रयास के मामले में नया मोड़ आ गया है। धामी के ड्राइवर ने बृहस्पतिवार को मुकदमा वापस ले लिया। वहीं, धामी के साथ हुई बैठक में ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि वह अवैध खनन नहीं करते, बल्कि स्टोन क्रशर स्वामी और स्टॉकिस्ट अवैध खनन करवाते हैं। ट्रांसपोर्टर तो चार हजार हैं, जबकि स्टोन क्रशर, स्टॉकिस्ट मात्र 40। उनके ऊपर अंकुश लगेगा तो सारी चोरियां अपने आप ही खत्म हो जाएंगी।
आमडंडा प्रथम डिपो में हुई बैठक में ट्रांसपोर्टरों ने दो-टूक कहा कि अध्यक्ष जी हमारे वाहनों का पीछा छोड़ दीजिए और स्टोन क्रेशर तथा स्टॉकिस्टों की जांच कराएं, तभी अवैध खनन पर लगाम लगेगी। वहीं, कुछ ट्रांसपोर्टरों का कहना था कि स्टोन क्रशर वाले व स्टाकिस्ट स्वामी उनसे बिना रायल्टी का ही उपखनिज अधिक लेते हैं। निजी पट्टो की रायल्टी कम होने के कारण स्टोन क्रशर व स्टाकिस्ट स्वामी वहां की रायल्टी पर कोसी व दाबका से आया का माल खपाने का काम करते है। इस कारण उन्हें मजबूरन रायल्टी चोरी करने पर मजबूर होना पड़ता है।
श्री धामी ने ट्रांसपोर्टरों, क्रशर स्वामियों, स्टॉकिस्टों की बात सुनकर कहा कि इस बात को वह मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि अगले सीजन में सारी समस्याएं दूर कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि निगम अपनी तरफ से दो स्टोन क्रशर छोई क्षेत्र में लगवाएगा, जिसके लिए उन्होंने जंगलात वालों से जगह देखने की भी बात कही। श्री धामी ने बताया कि उन्होंने बताया मंगलवार को जो 73 गाड़ियों पकड़ी थी, उन पर नियमानुसार पांच-पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जाएगा।
श्री धामी ने ट्रांसपोर्टरों से वार्ता के बाद कहा कि उनके ड्राइवर द्वारा डंपर चालक पर दर्ज कराया मुकदमा वापस ले लिया गया है। इस पर उन्होंने सफाई भी दी कि वह कुचलने का प्रयास नहीं कर रहा था, बल्कि पकड़े जाने के डर से भागने का प्रयास कर रहा था। इधर, कोतवाल कैलाश पंवार ने भी केस वापस लिए जाने की पुष्टि की है। बैठक में एसडीएम एसएस जंगपांगी, आरएम रविंद्र जुयाल, डीएफओ राहुल, सीओ मिथिलेश कुमार सहित गुरपेज सिंह बाजवा, बलविंदर सिंह संटू, आज्ञाकार सिंह, ठाकुर सिंह बिष्ट, राम सिंह जलाल, महेंद्र प्रताप सिंह बिष्ट, समेत कई ट्रांसपोर्टर, स्टोन क्रशर स्वामी, स्टाकिस्ट मौजूद थे।