हल्द्वानी। डीजीपी बीएस सिद्धू ने कोतवाली परिसर स्थित डे केयर सेंटर का फीता काटकर उद्घाटन किया और सेंटर के अंदर बच्चों के लिए जुटाए गए संसाधनों को देखकर वह काफी खुश हुए। इस बीच उन्होंने केयर सेंटर के रजिस्टर में लिखा कि एसएसपी स्वीटी अग्रवाल, पीआरओ भावना और उपनिरीक्षक हेमचंद्र पंत का प्रयास सराहनीय है। इसके बाद उन्होंने फायर स्टेशन का उद्घाटन किया।
डीपीजी का कहना था कि एसएसपी कर्मचारियों के हित के लिए अच्छी सोच रखती हैं। इसी प्रकार के प्रयास अन्य जिलों में भी होने चाहिए। फायर स्टेशन का उद्घाटन करने के बाद डीजीपी बीएस सिद्धू ने कहा कि बड़ी आग से काफी नुकसान हो जाता है। संसाधनों की कमी से बड़ी आग को बुझाने में परेशानी होती है। हल्द्वानी में फायर हाइड्रेंट की स्थिति काफी खराब है। विदेशों में सड़क के ऊपर हाइड्रेंट लाइन रहती है।
वहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियां हाइड्रेंट से पानी लेती हैं। विभाग के पास सीढ़ी टार्च सहित बेसिक सुविधाएं नहीं होने की बात सामने आने पर डीजीपी चौंक गए। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड बैंक के आपदा फंड से अग्निशमन विभाग को संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। इसी पैसे से आपदा में बचाव के लिए एसडीआरएफ फोर्स का भी गठन किया गया है। इसके पहले डीजीपी ने गार्द की सलामी ली।
उद्घाटन करने के बाद डीजीपी सर्किट हाउस गए। यहां उन्होंने डीआईजी पीएस सैलाल, एसएसपी स्वीटी अग्रवाल, अल्मोड़ा के एसएसपी, ऊधमसिंह नगर के एसपी सिटी सहित अन्य अधिकारियों से कानून व्यवस्था के संबंध में पूछताछ की। अधिकारियों से वार्ता करने के बाद डीजीपी सड़क मार्ग द्वारा रामनगर की तरफ चले गए।
राजपुरा निवासी आसमा की नवजात का 13 फरवरी को महिला अस्पताल से अपहरण हो गया था। इस मामले का पुलिस अभी तक पर्दाफाश नहीं कर सकी। आसमा अपनी मां और बहन के साथ डीजीपी बीएस सिद्धू से मिलने के लिए कोतवाली आई थी लेकिन महिला पुलिसकर्मियों ने उनको रोक लिया और डीजीपी से मिलने नहीं दिया। पता चला है कि एक अधिकारी ने तत्काल महिलाओं को रोकने के लिए इशारा किया था। डीजीपी के जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली।