हल्द्वानी। शहर में दो साल से खोदी गईं सड़कों का पुनर्निर्माण शुरू हो चुका है। कई वार्ड में सड़कें बन चुकी हैं। इससे लोगों को कुछ हद तक राहत मिली है लेकिन आने वाली बरसात में उन्हें जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा।
एडीबी वित्त पोषित योजना के तहत कार्यदायी संस्था यूयूएसडीए की ओर से शहर के 27 नये वार्डाें में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इसके लिए 1436 करोड़ का बजट मिला है। इस बजट से शहर में पेयजल लाइन बिछाने के साथ ही सड़क निर्माण सहित अन्य कार्य हो रहे हैं। 27 में से 11 वार्ड ऐसे हैं जहां सड़कों का जाल तो बिछेगा लेकिन लोगों को ड्रेनेज के लिए मुंह ताकना पड़ेगा। इन वार्डाें में ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए बजट की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में बरसात के मौसम में करीब एक लाख को पानी की निकासी के लिए परेशानी उठानी पड़ेगी।
इन वार्डाें में नहीं बनेंगी नालियां
वार्ड-34 ब्यूरा दमुवाढूंगा बंदोबस्ती, वार्ड-37 जवाहर ज्योति द्वितीय, वार्ड-38 बिठौरिया, वार्ड-39 लोहरिसासाल मल्ला धार, वार्ड-40 लोहरियासाल तल्ला हिम्मतपुर, वार्ड-41 भगवानपुर, वार्ड-42 हरिनगर, वार्ड-43 छड़ायल, वार्ड-44 कुसुमखेड़ा पश्चिमी, वार्ड-46 बिठौरिया पश्चिमी व वार्ड-47 बिठौरिया पूर्वी। इन वार्डाें में करीब 300 किमी सड़क बगैर नालियों के ही बनाई जा रही। कई ऐसे वार्ड है जहां सीवरेज योजना पूरी साकार नहीं होगी। ऐसे में यहां के लोगों को भी ड्रेनेज अव्यवस्था से जूझना पड़ेगा।
पेयजल लाइन खोदाई के बाद सड़कें जितनी टूटी हैं, उतनी ही बनाई जा रही हैं। इन वार्डों में नालियां नगर निगम की ओर से ही बनाई जाएंगी। एडीबी की योजना में इनके लिए बजट का प्रावधान नहीं है।
- कुलदीप सिंह, परियोजना प्रबंधक यूयूएसडीए
ड्रेेनेज से वंचित होने वाली सड़कों की सूची मांगी जा रही है। निरीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- परितोष वर्मा, नगर आयुक्त