मूल सोमेश्वर और वर्तमान लांग व्यू कम्पाउंड निवासी अधिवक्ता पूरन सिंह भाकुनी (65) रोज की तरह सुबह घर से कार से निकले और सामान्य अंदाज में कलक्ट्रेट पार्किंग पहुंचे। पार्किंग कर्मियों से हंसकर अभिवादन किया और अपनी कार में बैठ गए। करीब 11:30 बजे एक पर्यटक अपनी गाड़ी पार्क करने पहुंचा। इसी दौरान उसकी नजर पास खड़ी कार के अंदर गई। सीट पर बैठे अधिवक्ता के कान से खून बह रहा था। यह देख वह सन्न रह गया और तुरंत पार्किंग कर्मियों को बुलाया। कर्मचारियों ने कई बार आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। कार के अंदर का दृश्य देख सभी के होश उड़ गए। सूचना मिलते ही पुलिस और अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मौके पर ही अधिवक्ता को मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में खुद को गोली मारकर आत्महत्या की आशंका है। सीओ अंजना नेगी ने बताया कि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।
डायल 112 और फोन के माध्यम से पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि कलेक्ट्रेट पार्किंग स्थल पर किसी अधिवक्ता ने स्वयं को गोली मार ली है। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जांच की तो अधिवक्ता की मौत हो चुकी थी। क्राइम सीन बनने के कारण फोरेंसिक टीम बुलाई गई। टीम ने नमूने इकट्ठा किए हैं। पुलिस की ओर से जांच और पूछताछ की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शव का होल बॉडी एक्सरे भी कराया जा रहा है।-डॉ. मंजूनाथ टीसी, एसएसपी, नैनीताल
कार के डैशबोर्ड पर मिला सुसाइड नोट
कार के डैशबोर्ड पर मिले सुसाइड नोट में उन्होंने जिंदगी से परेशान होने की बात कही है। अन्य बातों से भी साफ हो रहा है कि उन्होंने परेशान होकर आत्म हत्या कर ली है। पर सवाल उठ रहा है कि अधिवक्ता किस मानसिक दबाव में थे? वहीं गोली लगने के बाद भी अधिवक्ता का शव पीछे की सीट पर बैठी स्थिति में मिला जबकि सुसाइड नोट कार के डैशबोर्ड पर रखा मिला है। कार के शीशे आधे खुले हुए थे। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह वास्तव में आत्महत्या है या फिर मामला संदिग्ध है।
टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने कार और आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य जुटाए हैं और कई अहम नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी गई है। कोर्ट परिसर के पास हुई इस घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर किस हालात ने एक अनुभवी अधिवक्ता को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
20 साल का अनुभव, 15 साल से नोटरी, जाने-माने अधिवक्ता थे भाकुनी
अधिवक्ता पूरन सिंह भाकुनी करीब दो दशक से न्यायालय में सक्रिय रूप से वकालत कर रहे थे। कानूनी मामलों में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती थी और वे अपने पेशे में एक अनुभवी चेहरा थे। बीते लगभग 15 वर्षों से वह नोटरी वकील के रूप में भी कार्यरत थे। वह नैनीताल समेत कोश्या कुटौली में नोटरी कार्य करते थे। स्थानीय अधिवक्ताओं और आम लोगों के बीच उनकी एक सुलझे और व्यवहारिक व्यक्ति के रूप में पहचान थी। इस घटना से अधिवक्ता वर्ग हैरान है।
घटनास्थल से पुलिस को कई अहम चीजें मिली हैं। मौके से एक पिस्टल भी मिली है जिसमें चार जिंदा कारतूस और एक खोखा मौजूद था। पुलिस को नौ अतिरिक्त जिंदा कारतूस कार से मिले हैं। लाइसेंस, रजिस्टर, बैग और कोट भी कार में था। फोरेंसिक टीम ने सभी सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।