मानसून सीजन में गौला, नंधौर से होने वाले भू-कटाव और नुकसान को रोकने के लिए विभाग अलग-अलग नहीं बल्कि एक साथ मिलकर दीर्घकालिक योजना बनाएंगे। इसके लिए जिला प्रशासन ने एडीएम (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल कर 12 सदस्यीय समिति गठित की है। हल्द्वानी के उपजिलाधिकारी को समिति का संयोजक बनाया गया है।
एसडीएम परितोष वर्मा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 12 से 15 सितंबर तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद गौला, नंधौर और सूखी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया था। तब इन नदियों ने सरकारी संपत्ति के साथ निजी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया था। बताया कि जिला प्रशासन ने नुकसान की रोकथाम के लिए दीर्घकालिक उपायों पर फोकस किया है। दीर्घकालिक योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए संयुक्त समिति गठित की गई है। एसडीएम वर्मा ने बताया कि सभी विभागों के नामित अधिकारी आपसी समन्वय कर दीर्घकालिक उपाय सुझाएंगे। इसके लिए लोगों की राय भी ली जाएगी। कहा कि अब तक विभाग अलग अलग प्रस्ताव तैयार करते थे लेकिन अब सभी विभागों को मिलकर एकसाथ प्रस्ताव तैयार करना होगा।
समिति ने नंधौर का निरीक्षण कर ड्रोन सर्वे कराया