tiger stops tourist way in corbett park
रामनगर। बीते दिवस कार्बेट पार्क की सर्पदुली रेंज में बाघ का शव मिलने के मामले में बाघ बचाओ संघर्ष समिति ने उसकी मौत की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। समिति का आरोप है कि बाघ की मौत प्राकृतिक कारणों के चलते नहीं हुई है। विरोध में समिति सदस्यों ने पार्क प्रशासन और पार्क निर्देशक सुरेंद्र मेहरा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रानीखेत रोड पर पुतला फूंका। बाद में संबंधित ज्ञापन सीएम को भेजा।
समिति के संयोजक मदन जोशी ने बताया कि शुक्रवार को मिले के शव की स्थिति देखते हुए प्रतीत होता है कि कि बाघ की मौत सामान्य नहीं है, शिकारियों ने उसे मारा है। लेकिन, पार्क के उच्चाधिकारी मामले को दबाने की कोशिश कर इसे प्राकृतिक बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले समिति के लोगों ने पार्क के अंदर काले कपड़े पहने एक संदिग्ध की जंगल में घुसपैठ की सूचना पार्क प्रशासन को मौखिक रूप से दी थी।
हो सकता है उसी संदिग्ध व्यक्ति द्वारा ही बाघ का शिकार किया हो। बताया कि इस सत्र में कार्बेट लैंडस्केप में छह बाघों की अब तक मौत हो चुकी है, जिसमें एक बाघ को जेसीबी से दबाकर मारा गया था। समिति पदाधिकारियों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कार्बेट मजदूर कल्याण जिप्सी समिति के अध्यक्ष हूरअली खान, अकरम खान, बसंत, शमीम अहमद, पीएस नेगी, संतोष पपनै, प्रेम सिंह, राजू यादव, रिजवान शमसी, महेंद्र सिंह, मो. इरशाद, भानू प्रताप सिंह, रवि आदि थे।