हल्द्वानी। पूर्व केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और सांसद अजय भट्ट ने लोकसभा में उत्तराखंड में जंगलों के ऊपर से गुजरने वाली विद्युत लाइन से होने वाली वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कराने की मांग की है।
सांसद भट्ट ने नियम 377 के अधीन केंद्र सरकार से प्रश्न पूछते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य चारों तरफ से जंगलों से घिरा हुआ है। यहां वन संपदा बहुत अधिक है। यहां के निवासियों की ज्यादातर आवश्यकता इन्हीं जंगलों से पूरी होती हैं। राज्य के जंगलों में कई प्रकार की औषधि व जड़ी बूटियां विद्यमान हैं। भट्ट ने कहा कि रामायण में संजीवनी बूटी का जिक्र भी उत्तराखंड के क्षेत्र में पाए जाने का जिक्र है।
भट्ट ने इस बात पर चिंता जताई कि पिछले कुछ साल से उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने की घटनाओं में अत्यधिक वृद्धि हुई है। कहा कि इसका मुख्य कारण जंगलों के ऊपर बिछा बिजली के तारों का जाल है। गर्मी के मौसम में तारों में शॉर्ट सर्किट होता है और जंगलों में आग लग जाती है जिससे वन्य प्राणी व वन संपदा को प्रत्येक वर्ष अत्यधिक नुकसान होता है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार से सलाह कर एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन शीघ्र कराने की मांग की है।