नगर के विभिन्न स्थानों में हो रहे भवन निर्माण के क्रम में ग्रीन बेल्ट अयारपाटा क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहा। यहां नियमों को ठेंगा दिखाकर बड़े-बड़े भवनों का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि हाईकोर्ट के आदेश और विभागीय सख्ती के बाद से निर्माण बंद है, लेकिन इन्हें देखकर साफ जाहिर होता है कि प्राधिकरण और वन विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं।
बता दें कि बीते कुछ वर्षों में नगर में निर्माण कार्यों की बाढ़ सी आ गई थी। स्थानीय निवासियों की ओर से किए गए जायज घरेलू निर्माण के साथ-साथ व्यावसायिक निर्माण भी जोरों पर थे। नगर के विभिन्न क्षेत्रों के बाद राजभवन-अरविंदो आश्रम मार्ग स्थित डलहौली लाज, बियाना लाज, सेंट लियोनार्ड क्षेत्र में सड़क के किनारे व्यावसायिक निर्माण खासे बढ़ गए थे। अयारपाटा के हरे पेड़ों से पटे क्षेत्र में भी बहुतायत में निर्माण कार्य शुुरू होने लगे। आखिर हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के क्रम में विभाग ने सख्ती शुरू की। ऐसे में वर्तमान में स्वीकृत नक्शों के अनुरूप भी निर्माण की इजाजत नहीं दी जा रही है। इसके चलते आधे-अधूरे निर्माण कार्य जस के तस पड़े हुए है। हालांकि इन भवनों की ऊंचाई और पेड़ के इर्द-गिर्द किए गए निर्माण से यह साबित हो रहा है कि इनमें नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
- हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्राधिकरण अवर अभियंता और अन्य कर्मियों की दो टीमें बनाई गई हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर निर्माण कार्य नहीं होने दे रही हैं। अयारपाटा और अरविंदो मार्ग क्षेत्र में स्थित निर्माण को भी बंद किया जा चुका है। नियमित रूप से टीम के भ्रमण की सूचना ली जा रही है।
- एलडीए सचिव श्रीष कुमार