10 यात्रियों को बिना टिकट और तीन क्विंटल सामान बिना बुकिंग के लाते पकड़ गए काशीपुर डिपो के जिस परिचालक पर काठगोदाम डिपो मेहरबान हो गया था देहरादून मुख्यालय ने उसे बर्खास्त कर दिया है। मामले की जांच भी शुरू हो गई है। इस कार्रवाई से काठगोदाम डिपो में हड़कंप मचा हुआ है।
मामला मई का है। काशीपुर डिपो के आउटसोर्स के परिचालक पवन को राजस्व चोरी के आरोप में पकड़ा था। इसके बावजूद उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रकरण फाइल को काठगोदाम स्थित मंडलीय कार्यालय में मंगाया गया था।
जांच काठगोदाम डिपो के एक अधिकारी को सौंपी गई थी। जांच में परिचालक को निर्दोष साबित कर काठगोदाम डिपो में तैनाती दे दी गई। जबकि परिवहन मुख्यालय के नियमों के अनुसार पांच से अधिक यात्री बगैर टिकट मिलने पर आउटसोर्स के परिचालक को बर्खास्त करने का नियम है।
मामला मुख्यालय पहुंचा तो परिवहन मुख्यालय ने आरोपी परिचालक को तत्काल बर्खास्त कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में जांच अधिकारी पर गाज गिर सकती है। इस घटनाक्रम से कर्मचारी संगठनों में प्रबंधन के खिलाफ गुस्सा है। उन्होंने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
काशीपुर डिपो के आरोपी परिचालक को बर्खास्त करने के बजाय बहाल करते हुए काठगोदाम डिपो में नई देने का मामला सामने आया था। आरोपी परिचालक को बर्खास्त कर दिया गया है। इस मामले में कहां गड़बड़ी हुई इसकी जांच की जा रही है।
दीपक जैन, महाप्रबंधक, उत्तराखंड परिवहन निगम