रामपुर रोड के यूकेलिप्टस पेड़ों पर आरी चलेगी। वनाधिकारियों के अनुसार ये पेड़ अपनी उम्र पूरी करने के साथ ही खतरनाक भी हो चुके हैं। जल्द ही छपान (कटान) का काम वन निगम के माध्यम से शुरू होगा।
पिछले दिनों आए तूफान में सबसे ज्यादा नुकसान हल्द्वानी-रुद्रपुर मार्ग से सटे जंगल में हुआ। सैकड़ों छोटे-बड़े पेड़ मार्ग पर ही गिर गए। करीब 12 घंटे लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के प्रयास के बाद रास्ता खोला जा सका। जो पेड़ गिर थे, उसमें से अधिकांश यूकेलिप्टस के थे। कालाढूंगी, बरेली रोड आदि जगहों पर करीब यही हाल था। अब वन महकमे ने इन पेड़ों को हटाने का फैसला किया है।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी आरसी कांडपाल कहते हैं कि जो यूूकेलिप्टस पेड़ की उम्र 25 साल से ज्यादा हो रही है, जिस अवधि में इन्हें काटा जाना चाहिए थे, उससे वह ज्यादा हो चुके हैं। ऐसे में सुरक्षा, राजस्व दोनों दृष्टि से इन पेड़ों को काटने का फैसला किया गया है। जल्द ही काम शुरू होगा। डीएफओ सनातन कहते हैं कि सुरक्षा महत्वपूर्ण है। जिन यूकेलिप्टस की काटे जाने की मियाद हो चुकी है, उन्हें हटाया जाएगा।