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Haldwani: हेलो! मैं BSNL से बोल रही हूं...सेवा के सिग्नल देकर बढ़ रहा साइबर ठगी का नेटवर्क, ऐसे करते है वारदात

Sat, 12 Jul 2025 11:11 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी

सार

साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका इजाद किया है। यहां फोन पर एक (1) अंक दबाते ही साइबर अपराधी ठगी का खेल शुरू कर देते हैं। इससे आर्थिक नुकसान हो सकता है।
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Cyber crime
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विस्तार
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हेलो! मैं बीएसएनएल से बोल रही हूं....आपका नंबर जल्द बंद होने वाला है, इससे बचना है तो 1 दबाएं...। अगर आपको कोई फोन करे और सामने से कंप्यूटराइज्ड आवाज में इस तरह का कुछ सुनाई दे तो सतर्क हो जाएं। दरअसल साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका इजाद किया है। यहां फोन पर एक (1) अंक दबाते ही साइबर अपराधी ठगी का खेल शुरू कर देते हैं। इससे आर्थिक नुकसान हो सकता है।

साइबर अपराधियों का नेटवर्क जितना सशक्त है, उतना ही वह खुद को अपडेट भी रख रहे हैं। हर तरीके में एक चीज वह जरूर देख रहे हैं कि सामने वाला मोबाइल फोन पर लंबी बात कर ले और उसकी बातों को फॉलो करे। बस यहीं से साइबर गिरोह काे ठगी के लिए अपना शिकार मिल रहा है। मुखानी क्षेत्र के एक युवक के पास तीन दिन पहले कॉल आई। सामने से कंप्यूटराइज्ड आवाज थी। इसमें कहा गया कि उसका मोबाइल नंबर अगले दो से चार घंटे में बंद हो जाएगा यदि वह असुविधा से बचना चाहते हैं तो एक दबाएं। हालांकि उस युवक को अहसास हो गया कि वह जाल में फंस सकता है। ऐसे में उसने फोन डिस्कनेक्ट किया। हालांकि उसका नंबर अभी भी चालू है। यानी वह साइबर ठगों के गिरोह में फंसने से बाल-बाल बचा।

फर्जी कॉल की करें रिपोर्ट

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डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशंस ने अपने एक्स एकाउंट के जरिये भी ऐसे साइबर ठगी से बचने की सलाह दी है। इसमें कहा गया है कि फर्जी कॉल और मैसेज आते हैं तो इसकी रिपोर्ट करें। इससे सिम स्वैप की धोखाधड़ी हो सकती है। कई लोगों की शिकायत भी है कि उनका सिम बंद करने के फोन कॉल आ रहे हैं।

न दें ऐसे मैसेज पर ध्यान
साइबर एक्सपर्ट के अनुसार पूर्व में डीओटी विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि दूरसंचार विभाग या ट्राई यूजर्स को सिम कार्ड बंद होने को लेकर न कोई कॉल करता है न किसी तरह के मैसेज। ऐसे काॅल और संदेश का ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने केवाईसी अपडेट और फर्जी लिंक वाले मैसेज या ई-मेल से भी बचने की सलाह दी है।

ऐसे होता है साइबर अपराध

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साइबर एक्सपर्ट के अनुसार साइबर अपराधी इसके लिए यूजर के मोबाइल नंबर के लिए नया सिम कार्ड जारी कराते हैं। पहले वह यूजर को कॉल के जरिये फंसाते हैं। फिर उन्हें कुछ स्टेप फॉलो करने को कहकर उनके नंबर का नया सिम अपने फोन में एक्टिवेट कराते हैं। यहां से ओटीपी लेकर फ्रॉड करते हैं।

साइबर अपराधियों ने ठगी के अपने ट्रेंड को बार-बार बदला है। अभी तक कॉल कर सिम बंद होने का झांसा देकर रुपये उड़ाने का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। फिर भी ऐसे कॉल से सतर्कता जरूरी है। ये फ्राॅड कॉल है। ऐसे काॅलर को समझने की जरूरत है। यदि सिम में कोई प्राब्लम है तो संबंधित टेली कंपनी के अधिकृत वेबसाइट पर जाकर सर्च करें। घबराएं नहीं। ओटीपी तो कतई न दें। यदि कोई शिकायत आती है तो पुलिस इस पर काम करेगी। - सुमित पांडेय, सीओ साइबर क्राइम

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