रामनगर। संयुक्त चिकित्सालय रामनगर में सीटी स्कैन समेत अन्य जरूरी मशीनें एक साल से अधिक के खराब पड़ी हैं। पीपीपी मोड के संचालकों की ओर से इन मशीनों को ठीक कर अस्पताल को सौंपा जाना था लेकिन अब तक इसकी सुध नहीं लेने से मरीजों को जांच कराने के लिए प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
वर्ष 2020 में रामनगर के रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय को सरकार ने पीपीपी मोड पर दे दिया था। अस्पताल को संचालित करने के लिए लगभग दो करोड़ रुपये की राशि हर माह पीपीपी मोड के लिए दी जाती थी। एक अप्रैल 2025 को सरकार ने अस्पताल को पीपीपी मोड से हटाकर स्वास्थ्य विभाग के अधीन कर दिया। इस दौरान पीपीपी मोड संचालकों को अस्पताल में संचालित होने वाली मशीनों को ठीक कराकर सौंपा जाना था। पर एक साल बाद भी संचालकों की ओर से सीटी स्कैन, वेंटिलेटर, डीआर समेत अन्य मशीनों को अब तक ठीक नहीं किया जा सका है।
अस्पताल की सीटी स्कैन आदि मशीनों को अब तक पीपीपी मोड संचालकों की ओर से सही नहीं कराया गया है। इसे लेकर डीजी हेल्थ को पत्र भेजा गया है। मशीन ठीक होते ही मरीजों की जांच शुरू कर दी जाएगी।
डॉ. एसएस बिष्ट, प्रभारी सीएमएस, रामनगर