हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में अब सामान्य मरीजों के सीटी स्कैन और एमआरआई नहीं हो पाएंगे। कोविड 19 के सात गंभीर मरीजों के भर्ती होने के कारण ऐसा हुआ है। बेस अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन खराब होने के कारण अब मरीजों को निजी अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर में महंगे दामों पर सीटी स्कैन और एमआरआई कराना पड़ेगा।
एसटीएच में कोविड 19 के 100 पाजिटिव मरीज भर्ती हैं, जिनमें सात की हालत नाजुक हैं। इनके एमआरआई और सीटी स्कैन की जरूरत पड़ेगी। कोविड 19 मरीजों का एमआरआई और सीटी करने के लिए प्रोटोकाल फालो करना होगा। मरीज को सीटी स्कैन और एमआरआई रूम तक लाने और वापस वार्ड तक ले जाने के बाद पूरे एरिया को सैनिटाइज करना होगा। साथ ही सीटी और एमआरआई मशीन को भी सैनिटाइज करना होगा। अभी तक सामान्य मरीजों को जरूरत पड़ने पर सीटी और एमआरआई की सुविधा एसटीएच में मिल रही थी।
एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी का कहना है कि कोविड 19 के मरीजों का अगर एमआरआई और सीटी स्कैन करना पड़ा तो सामान्य मरीजों को उक्त सुविधा नहीं मिल पाएगी।
दूसरी ओर बेस अस्पताल में प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे के तमाम दावों के बाद भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। एसटीएच के डाक्टर बेस अस्पताल में ओपीडी देख रहे हैं मगर आधुनिक ओटी की सुविधा नहीं है। पिछले 15 दिनों से आईसीयू की जुगत चल रही है और अभी तक आईसीयू शुरू नहीं हो सका है। दो निजी अस्पताल से बेस अस्पताल प्रबंधन ने आनन फानन में वेंटिलेटर ले लिए थे मगर नतीजा ढाक के तीन पात रहा।
देहरादून से अभी तक वेंटिलेटर नहीं आ पाए हैं। सीटी स्कैन मशीन खराब होने से मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है। बेस अस्पताल में एक दिन में 10 से 15 सीटी स्कैन इन दिनों हो रहे हैं। अब मरीजों को निजी अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर में महंगे दामों पर सीटी स्कैन कराना पड़ेगा।
चूहे ने सीटी स्कैन मशीन का एक तार काट दिया है। जिससे एक पार्ट काम नहीं कर रहा है। मशीन पिछले तीन दिनों से खराब पड़ी है। पार्ट बंगलूरू से आना है और मेल से तीन बार आर्डर किया जा चुका है। पार्ट आने के बाद ही मशीन ठीक हो सकेगी। - डॉ. हरीश लाल सीएमएस बेस अस्पताल