मांगों को लेकर बेमियादी हड़ताल पर गए उपनल कर्मियों के कारण सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। एसटीएच में इमरजेंसी को छोड़कर सभी ऑपरेशन टाल दिए गए और इमरजेंसी के पास काउंटर पर पर्चा बनवाने वालों की लंबी लाइन लगी रही।
व्हील चेयर न मिलने के कारण कई मरीज इमरजेंसी गेट के बाहर तड़पते रहे। एसटीएच में मंगलवार को कम मरीज भर्ती किए गए जबकि डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा रही। अस्पताल में कई जगह बायोमेडिकल वेस्ट फैला था।
एसटीएच की ओपीडी में मंगलवार को 730 मरीज पहुंचे। इसके लिए बनने वाले पर्चा काउंटर पर भी खासी भीड़ रही। संविदा कर्मियों को पर्चा बनाने मेें लगाया गया था। कुछ देर बार काउंटर खाली हो गया और मरीज लौट गए। मंगलवार को मात्र 48 नए मरीज भर्ती हुए, जबकि 92 डिस्चार्ज हुए।
एसटीएच में इंडोर मरीजों की संख्या 415 है। सूत्रों की मानें तो इमरजेंसी में आए गंभीर मामलों से संबंधित रोगियों के ही ऑपरेशन हुए। हड़ताल के कारण रुटीन के ऑपरेशन नहीं हो सके।
इमरजेंसी में स्टाफ की कमी के चलते कई मरीज घंटों स्ट्रेचर पर पड़े रहे, जबकि दर्द से कराहती वृद्धा शांति देवी घंटों गेट पर पड़ी रही। व्हील चेयर न मिलने के कारण शांति के साथ आए परिजन पैदल ही इमरजेंसी तक लेकर पहुंचे।
एसटीएच में बायोमेडिकल वेस्ट और सफाई के लिए नगर निगम कर्मियों को लगाया जाएगा। निगम कर्मी रोजाना अस्पताल जाकर सफाई करेंगे। निगम के नगर आयुक्त को सफाई कराने को लेकर आदेश दिए जाएंगे।
- दीपक रावत, जिलाधिकारी, नैनीताल।