रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से बैंकों को मिले सख्त निर्देशों से जिन परिवारों में शादियां होनी हैं वो बैंकों के चक्कर में घन चक्कर बने हैं। शादी की तैयारियों में लगे लोगों को एक तो दिनभर बैंकों में लाइन में खड़े रहना पड़ रहा है। कैश लेने का नंबर आने पर आरबीआई की नई गाइडलाइन का हवाला देकर चलता किया जा रहा है। इससे शादी वाले परिवार परेशान हैं।
शादी वाले परिवारों को आभूषण, कपड़े खरीदने, कार्ड छपवाने, बैंक्वेट हॉल बुक कराने, परिजनों को निमंत्रण पत्र भेजने, घर की सफाई, पेंटिंग कराने, सजावट, फूल वालों, कैटरर की व्यवस्था, घोड़ी, बग्घी की व्यवस्था, कहारों की व्यवस्था, बारात के स्वागत और वधू की विदाई आदि के लिए कार की बुकिंग कराने, दूसरे शहरों, गांवों से आ रहे परिजनों को ठहराने के लिए होटलों की व्यवस्था कराने, वर-वधू के लिए कपड़े खरीदने, महिला संगीत, बारात, प्रीतिभोज समेत तमाम व्यवस्थाएं करनी हैं।
सहालग 15 नवंबर से शुरू हो चुके हैं। कई दंपति की शादी हो भी चुकी हैं। कई शादियां होनी हैं। पैसा अभी तक बैंकों से नहीं मिला है। ऐसी स्थिति में वे इतने लोगों के खातों को जुटाकर उनसे रसीद लेकर बैंक पहुंचे या अन्य व्यवस्थाएं जुटाएं, इसी में उनका पूरा समय बर्बाद हो रहा है।
नए सर्कुलर का क्रियान्वयन बेहद मुश्किल हो रहा है। अधिकतर लोगों के पास शादी ब्याह के लिए कैश नहीं है। बड़ी मुश्किल से शादी के लिए पैसा जुटाया है। अधिकतर बैंक सर्कुलर न मिलने की बात कहकर उन्हें भुगतान नहीं कर रहे हैं। बैंकों के चक्कर में शादी वाले परिवार परेशान हैं।