बुधवार को भवाली के एक होटल में सेक्स रैकेट का खुलासा होने से भले ही आम लोगों में सनसनी फैल गई हो, लेकिन इस क्षेत्र के लिए यह कोई नई बात नहीं है।
यह तो एक बानगी भर है। असली खेल तो वहां चलता है जहां पुलिस कभी पहुंचती ही नहीं। क्षेत्र में कई होटलों से लेकर गेस्ट हाउसों में देह व्यापार का धंधा फलफूल रहा है। हालात यह है कि पर्यटन के नाम पर पहाड़ के छोटे-छोटे पिकनिक स्पॉट ऐशगाह बनते जा रहे हैं।
बताते चलें भीमताल से लेकर सातताल, नौकुचियाताल, मेहरागांव, जंगलियागांव, भवाली, रामगढ़, गागर, श्यामखेत, मुक्तेश्वर, धारी, धानाचूली यहां तक की दूरस्थ ब्लाक ओखलकांडा के गांवों में भी पिछले वर्षो के दौरान कई छोटे-बड़े होटल, गेस्ट हाउस, रिसोर्ट्स खुल गए हैं।
इनमें ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का सत्यापन कराने का प्रावधान है, जो कभी नहीं होता। सूत्रों की मानें तो ऐसे ही कई होटलों, गेस्ट हाउसों और काटेजों में गुपचुप देह व्यापार का धंधा चल रहा है, जिसकी भनक न तो पुलिस को है और न ही राजस्व विभाग के अधिकारियों को।
देह व्यापार के धंधे से कई दलाल जुड़े हैं जो मांग होने पर होटलों में गुपचुप युवतियां भेजते हैं। देह व्यापार के आरोप में बुधवार को यहां पकड़ी गई युवती और उसके साथ मौजूद युवकों के बीते चार दिन से नगर क्षेत्र में होेने की सूचना पुलिस को मिली है। इसके बाद से पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह लोग नगर के किन-किन होटलों में रुके थे।