बनभूलपुरा पुलिस ने गौला पुल तिराहे पर चेकिंग के दौरान चोरी की कार के साथ हाई प्रोफाइल तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को राज कॉप एप से काफी सहायता मिली। एप से जांच करने पर पता चला कि कार चोरी की है।
थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी ने बताया कि वह फोर्स के साथा गौला पार पुल तिराहे पर रविवारशाम वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी समय पुलिस ने शक होने पर एक टाटा इंडिगो को रोक लिया। पुलिस ने कार का नंबर राजस्थान पुलिस के एप राज कॉप पर डाला तो पता चला कि कार 2012 मेें कानपुर से चुराई गई है।
इस मामले में पुलिस ने कार में सवार रामपुर जिले के शहजादपुर निवासी विशाल गुप्ता, बड़ी मुखानी पीलीकोठी निवासी आशीष पंत और अब्दुल्ला बिल्डिंग बरेली रोड निवासी तरुण शर्मा को चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। जांच से पता चला कि एमबीए कर चुका आशीष पंत देहरादूून में जॉब के लिए गया था।
यहां उसकी मुलाकात विशाल गुप्ता से हुई थी। विशाल को एक वैज्ञानिक के पुत्र पीयूष यादव ने इंडिगो सीएस कार 50 हजार रुपये में बेच दी थी। इसी कार को विशाल ने आशीष पंत को बेचा था।
चोरी की जानकारी मिलने पर गिरफ्तार लोग कार को कबाड़ी के पास बेचने के लिए जा रहे थे लेकिन पुलिस जांच में पकड़े गए। पुलिस का कहना है कि आम लोगों को पुरानी कार खरीदते समय पुलिस से जांच करा लेनी चाहिए कि गाड़ी चोरी की तो नहीं है।