बुधवार दोपहर बाद से लापता ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय के बीबीए तृतीय वर्ष के छात्र रोहित का शव बृहस्पतिवार को भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग में निगलाट के समीप तीन सौ फीट गहरी खाई से बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच और परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने छात्र के दो साथियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इससे पहले हत्या आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मृतक के परिजनों और मौके पर जमा लोगों ने भवाली के समीप पौन घंटे तक एनएच में जाम लगाया। कोतवाली पुलिस के मुताबिक गैस गोदाम रोड कुसुमखेड़ा हल्द्वानी निवासी हरीश सिंह बिष्ट का बेटा रोहित बिष्ट (21) ग्राफिक ऐरा विवि में बीबीए तृतीय वर्ष का छात्र था।
वह घर से विवि तक स्कूटी से अप डाउन करता था और रोजाना तीन से चार बजे तक घर पहुंच जाता था। बुधवार दोपहर ढाई बजे बाद रोहित का मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया और वह देर शाम तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने उसकी खोजबीन की।
खोजबीन करते हुए परिजन भीमताल पहुंचे और रोहित के सहपाठी योगेश कुमार (21) पुत्र भूप सिंह निवासी बंगलेवाला काशीपुर और शिवम पंत (20) पुत्र ज्ञान प्रकाश पंत निवासी दन्यां अल्मोड़ा से रोहित के बारे में पूछा। परिजनों का कहना था कि दोनों छात्र नशे की हालत में थे।
छात्रों ने बताया कि वह बुधवार की दोपहर मेहरागांव तक रोहित के साथ आए। वहां से रोहित अपनी स्कूटी लेकर हल्द्वानी को चला गया। शक होने पर परिजन रात में भीमताल थाने पहुंचे और वहां से दो पुलिस कर्मियों को साथ लेकर वापस दोनों छात्रों के पास पहुंचकर पूछताछ की।
बृहस्पतिवार सुबह रोहित के परिजन दोनों छात्रों को लेकर भवाली कोतवाली पहुंच गए जहां एसएसआई डीएल वर्मा ने उनसे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान इन छात्रों ने पुलिस को बताया कि बुधवार की दोपहर एक बजे वह रोहित के साथ भवाली आए थे जहां रानीखेत रोड में स्थित एक दुकान में उन्होंने शराब पी।
शराब कम पड़ने पर दोबारा शराब लाए और उसे भी तीनों ने पीया। शराब पीने के बाद तीनों छात्र रानीखेत रोड में निगलाट की ओर जाकर सड़क किनारे बैठ गए। इसी दौरान नशे की हालत में रोहित गहरी खाई में गिर गया। छात्रों के इस खुलासे के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां सड़क किनारे रोहित की स्कूटी और लगभग तीन सौ फीट गहरी खाई में रोहित का शव बरामद हो गया।
पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से किसी तरह रोहित के शव को खाई से निकाला। इस दौरान परिजनों ने दोनों साथियों पर रोहित की हत्या करने का आरोप लगाया। आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर एनएच में जाम लगा दिया। पौन घंटे तक एनएच में जाम लगा रहा जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बाद में पुलिस ने किसी तरह जाम खुलवाकर पंचनामे के बाद रोहित के शव को पोस्टमार्टम के लिए नैनीताल भेजा। गुरुवार की शाम मृतक के भाई पंकज बिष्ट ने कोतवाली में योगेश कुमार और शिवम पंत के खिलाफ रोहित को खाई में धक्का देकर उसकी हत्या करने की तहरीर दी।
कोतवाल कमल राम आर्य ने बताया कि दोनों छात्रों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। उक्त दोनों छात्र भी ग्राफिक ऐरा में बीबीए तृतीय वर्ष में अध्ययनरत हैं।
बर्थडे के दूसरे दिन बुधवार की दोपहर मां अपने जिगर के टुकड़े का खाने पर इंतजार कर रही थी, लेकिन वह शाम तक घर नहीं पहुंचा। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ था। बेटे की तलाश के लिए मां के साथ उसकी मामी और मामा ने रातभर नैनीताल से लेकर भीमताल के रास्ते की खाक छानी। सुबह बेटे का शव खाई में पड़ा मिला।
विवेकनगर कुसुमखेड़ा निवासी व्यवसायी हरीश सिंह बिष्ट का छोटा बेटा रोहित सिंह भीमताल स्थित ग्राफिक ऐरा में बीबीए अंतिम वर्ष का छात्र था। एक मार्च को रोहित का जन्मदिन था। परिवार ने उसका बर्थडे मनाया। बुधवार सुबह रोहित दोस्तों को जन्मदिन की पार्टी देने के लिए स्कूटी से भीमताल गया था।
उसने अपनी मामी प्रभा नयाल को फोन कर बताया कि वह दो बजे खाना खाने के लिए आएगा। मामी के साथ मां भवगती बिष्ट अपने लाडले के आने का इंतजार कर रही थी लेकिन ढाई बजे कॉल करने पर उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। रातभर परिवार के लोगों ने रोहित को ढूंढने के लिए नैनीताल, सातताल, भवाली और भीमताल की खाक छानी।
सुबह उसका शव भीमताल से तीन किलोमीटर दूर खाई में मिला। शव को देखते ही मां, बड़ा भाई पंकज और पिता बदहवाश हो गए। बृहस्पतिवार शाम शव घर पहुंचने पर कोहराम मच गया था। मामी का कहना था कि रोहित इतना सीधा था कि वह किसी की बात का जवाब नहीं देता था। उन्होंने आरोप लगाया कि रोहित को उसके दोस्तों ने ही मार डाला है।
रोहित के साथ उसके मामा का बेटा नितिन भी ग्राफिक ऐरा में पढ़ता है। दोनों की क्लास अलग अलग होने के कारण उनकी बुधवार को मुलाकात नहीं हो सकी। रोहित का मोबाइल स्विच ऑफ होने पर वह घर लौट आया।
ग्राफिक ऐरा के छात्र रोहित बिष्ट की मौत के मामले में रोहित के दोनों सहपाठी रोहित के परिजनों और पुलिस को आखिरी समय तक गुमराह करते रहे वहीं दूसरी ओर इस मामले में बगैर नंबर वाली सफेद रंग की स्विफ्ट कार भी भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।
परिजनों का मानना है कि यदि रात में ही दोनों छात्रों ने घटना की सच्चाई बता दी होती तो हो सकता था कि रोहित को बचा लिया जाता लेकिन ऐसा नहीं हो सका। रोहित के साथी दोनों छात्रों में से एक छात्र शिवम पंत मूल रूप से दन्या अल्मोड़ा का रहने वाला है और वर्तमान में हल्द्वानी में किराए पर रहता है और हल्द्वानी से ही ग्राफिक ऐरा तक आता जाता है।
जबकि दूसरा छात्र योगेश कुमार मूल रूप से काशीपुर का निवासी है और यहां मेहरागांव में किराए पर रहता है। बुधवार की शाम को रोहित के परिजनों ने इन दोनों छात्रों से एक बार नहीं बल्कि कई बार पूछताछ की लेकिन दोनों छात्रों का एक ही जवाब था कि वह बुधवार दोपहर दो बजे रोहित के साथ मेहरागांव तक आया और वहां से रोहित स्कूटी से हल्द्वानी चला गया था।
लेकिन जब गुरुवार की सुबह पुलिस ने पूछताछ की तो दोनों ने बुधवार को हुई घटना का खुलासा कर दिया। ऐसे में परिजनों का मानना है कि यदि दोनों छात्रों ने रात में ही घटना के बारे में सच बता दिया होता तो शायद रोहित को बचाया जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
इधर, निगलाट और आसपास के ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि बुधवार को घटनास्थल के पास एक सफेद रंग की बगैर नंबर वाली स्विफ्ट कार भी घंटों तक मौके पर खड़ी रही थी। इस कार में कौन लोग सवार थे यह ग्रामीण नहीं बता सके। चूंकि घटना के वक्त तीनों छात्रों ने नशा किया हुआ था।
पुलिस की मानें तो शिवम और योगेश दोनों गुरुवार सुबह तक नशे की हालत में थे। ऐसे में सवाल उठता है कि जब दोनों छात्र नशे में थे तो फिर वह सुरक्षित कैसे हल्द्वानी और मेहरागांव स्थित अपने कमरों तक पहुंच गए। चूंकि मौके पर एक स्विफ्ट कार खड़ी देखी गई थी लिहाजा इस बात की आशंका भी व्यक्त की जा रही है कि कहीं दोनों छात्र इसी स्विफ्ट कार में तो अपने कमरों तक नहीं पहुंचे।
इन तमाम अनसुलझे सवालों को देखते हुए पुलिस ने बगैर नंबर की स्विफ्ट कार को भी जांच में शामिल कर लिया है। पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि कहीं इस कार का भी तो रोहित की मौत से कोई संबंध नहीं है।
ग्राफिक ऐरा के छात्र रोहित बिष्ट का शव मिलने की सूचना मिलने पर गुरुवार शाम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वीटी अग्रवाल, एसपी सिटी यशवंत सिंह और एसएसआई डीएल वर्मा ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया।
इस दौरान एसएसपी ने कोतवाली पुलिस को मामले की विवेचना के निर्देश दिए। उन्होंने दोनों छात्रों से होने वाली पूछताछ के साथ साथ शव के पोस्टमार्टम की वीडियो क्लीपिंग तैयार कराने और जरूरत पड़ने पर दोनों छात्रों का लाइव डिटेक्टिव टेस्ट कराने को कहा।