10 मार्च को सिल्वर्टन लॉज क्षेत्र से लापता किशोरी को पुलिस ने हल्द्वानी गफूर बस्ती से बरामद किया है। क्षेत्र में रहने वाला मुस्लिम युवक शादी करने के इरादे से उसे अपने साथ ले गया था। पुलिस ने आरोपी युवक समेत उसकी फूफी और फूफा को गिरफ्तार कर लिया है। मामला लव जेहाद से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक किशोरी के पिता की ओर से 10 मार्च को कोतवाली में दी गई तहरीर में पुत्री की गुमशुदगी लिखवाई। इसके बाद से सीओ एचसी सती की ओर से एसएएचओ टीआर वर्मा व एसओ इंदर राणा के नेतृत्व में दो टीम गठित कर जांच शुरू की गई। मामले में किशोरी के पिता ने पड़ोस में रहने वाले युवक पर शक जाहिर किया था। पुलिस ने भी बीते दिनों की पड़ताल के बाद शनिवार को आरोपी युवक शादाब (22) पुत्र पुत्तन खां निवासी चार्टन लॉज को तलब किया। जहां पहले पुलिस को बरगलाने के बाद कड़ी पूछताछ में उसने किशोरी को शादी करने की नीयत से भगाना कबूला।
आरोपी ने बताया कि उसने किशोरी को फूफी के यहां छिपाया है। एसएसआई कैलाश जोशी, एसआई जगदीश राम के नेतृत्व में गई टीम ने आरोपी फूफा सरताज (60) पुत्र मोहम्मद हुसैन निवासी गफूर बस्ती व उनकी पत्नी तारा बी को हल्द्वानी स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया। उस दौरान किशोरी भी उन्हीं के साथ थी। गिरफ्तार करने वाली टीम में गोविंद, गुरजीत, दीपा, जय प्रकाश आदि शामिल थे। कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पाक्सो, 363, 365, 366, 342, 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
सीओ एचसी सती ने बताया कि इस किस्म के लोग समाज को कलंकित कर रहे हैं। इसीलिए उन्होंने आरोपी के साथ-साथ किशोरी को शरण देने वालों पर भी संबंधित सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। विवेचना के बाद किशोरी के आरक्षित वर्ग की होने के कारण एससीएसटी समेत अन्य धाराओं के बढ़ने की संभावना हैं।
..पैरवी की बजाय मुखालफत हो
नैनीताल। संबंधित घटना से हिंदुवादी संगठन समेत अन्य क्षेत्रवासियों में भी रोष है। उनका कहना है कि बेहतर समाज के निर्माण के लिए ऐसे लोगों को सख्त सजा दी जानी चाहिए। जिससे समाज के समक्ष नजीर पेश हो सके। उन्होंने वकीलों का भी आह्वान किया है कि वह ऐसे लोगों की पैरवी करने की बजाय मुखालफत करें।
..शातिर है आरोपी युवक
नैनीताल। बढ़ई का कार्य कर अपनी आजीविका चला रहा युवक खासा शातिर है। किशोरी के लापता होने के बाद से अब तक कई दौर की पूछताछ के बाद वह पुलिस को गुमराह करता रहा। आरोपी ने चार-पांच सिम कार्ड लिए हुए हैं।
घटना के रोज 10 मार्च को उसने दोपहर तक ज्योलीकोट में निर्माणाधीन भवन में कार्य किया। इसके बाद वह किशोरी को अपने साथ ले गया। दूसरे रोज फूफी के यहां छोड़ने के बाद वापस ज्योलीकोट आ गया। पूछताछ में वह बताता रहा कि वह तो कई दिनों से यहां बढ़ई का कार्य कर रहा है। किशोरी से उसका लेना देना नहीं। उसने खटीमा और लक्सर की आईडी पर चार-पांच सिम लिए थे। किशोरी को बात करने के लिए वह अलग-अलग सिम का प्रयोग करता था।