राजकीय महिला अस्पताल के सामने शनिवार दोपहर ऊधमसिंह नगर जिले के एक दरोगा ने सड़क पर कार खड़ी कर दी। व्यस्त और संकरी सड़क पर कार खड़ी करने से जब सिपाही ने मना किया तो दरोगा ने उसे पद का रौब दिखाते हुए गालियां देनी शुरू कर दीं। यही नहीं सिपाही को धमकी तक दे डाली कि अब दिखाऊंगा दरोगा क्या होता है। इधर, जाम लगने पर मंगलपड़ाव चौकी प्रभारी ने हस्तक्षेप किया तो दरोगा ने कार हटाई। कोतवाली थाने पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने समझाकर दरोगा को भेज दिया।
यातायात पुलिस का सिपाही राजेंद्र सिंह पांगती कालाढूंगी चौराहे पर ड्यूटी कर रहा था। इस बीच राजकीय महिला चिकित्सालय के सामने दरोगा ने अपनी कार खड़ी कर दी। संकरे रास्ते में कार खड़ी होने के कारण जाम लगने लगा। सिपाही ने तत्काल रास्ते से कार हटाने के लिए कहा तो दरोगा को यह बात नागवार लगी और कार से उतरकर सिपाही को गालियां बकने लगा। बताया कि वह ऊधमसिंह नगर में स्पेशल सेल में दरोगा है। सिपाही ने कहा कि सादी वर्दी में रहने के कारण उसे मालूम नहीं था कि वह दरोगा है।
इस बीच यातायात की स्थिति गंभीर होने पर तत्काल मंगलपड़ाव चौकी प्रभारी ललित जोशी मौके पर पहुंचे तो दरोगा फिर सिपाही की खिंचाई करने लगा। चौकी प्रभारी ने दरोगा को समझाकर कार हटवाई। इसके बाद चौकी प्रभारी सिपाही और दरोगा को लेकर कोतवाली आए। यहां पुलिसकर्मियों ने दरोगा को समझाकर वापस भेज दिया। वहीं निर्दोष सिपाही निराश होकर ड्यूटी पर चला गया।