धारी ब्लाक के दूरस्थ क्षेत्र हरिनगर अक्सोड़ा में कंपाट नंबर पांच में गश्त के दौरान कुछ ग्रामीणों ने वन दरोगा और वन रक्षक पर जानलेवा हमला कर उन्हें घायल कर दिया। दोनों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। वन दरोगा की ओर से सरना स्थित पटवारी चौकी में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है।
राजस्व पुलिस के मुताबिक मटियाल क्षेत्र के वन दरोगा खुशाल सिंह पोखरिया और वन रक्षक पूरन सिंह रावत सोमवार दोपहर बाद विभागीय कार्यों के लिए वन पंचायत हरिनगर अक्सोड़ा गए थे, इस दौरान जब दोनों आरक्षित वन अक्सोड़ा के कंपाट नंबर पांच में पहुंचे तो वहां उन्हें चीड़ का सूखा हुआ पेड़ कटा मिला, जबकि उसकी लकड़ी मौके से गायब थी। निरीक्षण के दौरान उन्हें पास के खेत में चीड़ के चिरान से निकला बुरादा भी मिला।
वन दरोगा पोखरिया ने जब पास में रहने वाले केशव राम, प्रकाश, सुनील और भवानी राम सभी निवासी अक्सोड़ा दियारी पोस्ट पोखराड़, धारी से पूछताछ की तो उन्होंने दोनों वन कर्मियों पर जानलेवा हमला कर दिया। किसी तरह वहां से भागकर दोनों वन कर्मियों ने जान बचाई। बाद में दोनों वन कर्मियों ने सीएचसी भवाली में इलाज कराया। जहां से आंख में चोट होने के कारण वन रक्षक पूरन सिंह रावत को नैनीताल स्थित बीडी पांडे अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मंगलवार को वन दरोगा खुशाल सिंह पोखरिया ने मुक्तेश्वर पुलिस और सरना पट्टी स्थित पटवारी चौकी में उक्त चारों के खिलाफ सरकारी कार्यों में बाधा डालने और जानलेवा हमला करने संबंधी तहरीर दी और विभागीय अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दी। पट्टी पटवारी हेम जोशी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 332/353 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। खबर लिखे जाने तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।