बैंक कर्मी रंजीत सिंह की आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। बैंक कर्मी की पत्नी ने आरोप लगाया है कि नौ लोगों ने फर्जी कागजात के आधार पर लोन लिया था। बैंक नोटिस के साथ लोन की वसूली उनके पति से करने लगा। जिसके चलते उनके पति ने यह कदम उठाया।
कोतवाली पुलिस इस मामले में नौ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच कर रही है। राजेंद्र नगर गली संख्या एक की रहने वाली स्व. रंजीत सिंह की पत्नी तरनजीत कौर ने एसएसपी को प्रार्थनापत्र दिया था। पत्नी ने आरोप लगाया कि उसके पति नैनीताल बैंक में कर्तव्यनिष्ठ फील्ड ऑफिसर थे।
उनको झांसे में लेकर बाजपुर निवासी गुरनाम सिंह, साहब सिंह, गुलजार पुर निवासी बच्ची सिंह, कालाढूंगी के राम सिंह और जगदीश लाल, ललित प्रसाद, पीपलपोखरा के गंगा गोस्वामी, कठघरिया के इंद्रपुरी और कालाढूंगी के मोहम्मद सफी ने फर्जी कागजात के आधार पर बैंक से लोन लिया। लोन लेने वालों ने बैंक को पैसा जमा नहीं किया।
इसके बाद रंजीत सिंह को बैंक से नोटिस मिलने लगी। बैंक जवाब मिलने से पहले पैसे काटने लगा। पति द्वारा लोन के बाबत पूछने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी थी। छह जनवरी 2010 को उनके पति ने सुसाइड नोट लिखने के बाद आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामले की जांच की।
बुधवार को पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दज्र कर लिया। एसएसआई इंदर सिंह राणा मामले की विवेचना करेंगे। पुलिस सुसाइड नोट को आधार बनाकर घटना की छानबीन कर रही है।