दुर्गम जौलासाल के जंगल में बृहस्पतिवार को पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम को भारी मात्रा में हथियार बनाने के औजार मिले हैं। करीब 16 हथियारबंद लोगों को देखे जाने की सूचना के बाद से ही पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम यहां सर्च ऑपरेशन चलाये हुए है।
हथियार बनाने का सामान मिलने के बाद से ही सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। हथियारबंद लोगों के बनबसा और टनकपुर के रास्ते नेपाल निकलने की संभावना को देखते हुए सेनापानी, किलपुरा रेंज के जंगलों में तलाश में जुटे वन विभाग, पुलिस और सुरक्षा बलों ने डेरा डाल लिया है। यह पहली बार है कि जंगल में हथियार बनाने का सामान भारी मात्रा में बरामद किया गया है।
बुधवार को वन एवं सुरक्षा एजेंसियों को यह सूचना मिली थी कि जौलासाल के जंगल में 15-16 हथियारबंद लोगों को देखा गया है। इस पर जंगल में एक सर्च अभियान चलाया जिसमें वन क्षेत्राधिकारी नंधौर, वन क्षेत्राधिकारी डांडा, वन क्षेत्राधिकारी जौलासाल, एसडीओ वन विभाग हल्द्वानी प्रकाश आर्या के साथ चोरगलिया पुलिस और सीओ लालकुआं और लालकुआं पुलिस मौजूद थी।
दोपहर करीब 12 बजे सर्च अभियान मे जुटी टीम को जौलासाल रेंज के तुगाड, कंपार्ट सख्या 13 से सर्च के दौरान आरी, डाई, ब्लेड मिले। रहने के लिए बाकायदा तंबू लगाया गया था। व्यापक स्तर पर खोजबीन की गई तो टीम को वहां खासी मात्रा में हथियार बनने में प्रयोग किया जाने वाले सामान मिला। अधिकारियों का अनुमान है कि यहां पर असलाह बनाने की फैक्टरी लगाई गई होगी।
उधर, खटीमा वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम भी बृहस्पतिवार को हथियारबंद लोगों की तलाश में जुटी रही। बनबसा के पश्चिमी छोर पर स्थित किलपुरा, शारदा, जौलासाल रेंज की सीमाएं आपस में मिलती हैं, जिसके चलते हथियारबंद लोगों के बनबसा और टनकपुर के रास्ते नेपाल निकलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
तराई पूर्वी वन प्रभाग खटीमा के रेंजर सुरेश चंद्र मेंदोला ने बताया कि सेनापानी, किलपुरा रेंज पर भी वन विभाग की टीम संदिग्धों की तलाश में जुटी है। सीओ राजन सिंह रौतेला ने बताया कि बनबसा, टनकपुर से लगी सीमाओं पर पहले से ही पुलिस, खुफिया विभाग और एसएसबी पूर्णतया चौकस हैं।
रामपुर की तरफ भी घुमी शक की सुई
जौलासाल जंगल में हथियार बनाने में प्रयुक्त सामान भारी मात्रा में बरामद होने से जांच में जुटी पुलिस को कई अलग-अलग कोणों से सोचना पड़ रहा है। शक की सुई रामपुर उत्तर प्रदेश की तरफ भी घूम गयी है।
इसके अलावा जांच और कांबिंग को गई टीम को शक है की संदिग्ध लोगों ने आसपास सामान छिपाने के बाद डेरा खाली कर दिया। हालांकि, माओवादी एंगल को पूरी तरह ख़ारिज नहीं किया गया है।
जौलासाल जंगल में काफी सामान टीम ने बरामद किया है। उसमे कुछ सामान नानकमत्ता इलाके का होने की संभावना है। जबकि कुछ सामान रामपुर का है। इसी आधार पर शक रामपुर की तरफ गया है।
रामपुर से जुड़े लोग और हथियार बनाने की इस गुत्थी को भी सुलझाने में टीमें लगी हैं। जंगल में रहने वाला गुज्जर है जो राय सिख, देसी हथियार और काफी हद तक उनके मूवमेंट को जानता है। ऐसे में क्या वह राय सिख ओर नेपाल के लोगो को पहचान करने में गड़बड़ी कर सकता है, यह भी सवाल बना हुआ है।
जंगल में अधबने हथियार और हथियार बनाने के औजार बड़ी मात्रा में मिले हैं। अभी सर्च ऑपरेशन जारी है। पूरी जांच के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी।
-अजय रौतेला, डीआईजी