विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रीतू शर्मा की अदालत ने बलात्कार मामले में दोष सिद्ध होने के बाद बृहस्पतिवार को जीवन बीमा एजेंट को 15 साल कड़ी कैद की सजा सुनाई। अदालत ने अभियुक्त पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पैसा नहीं जमा करने पर एजेंट को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह नेगी के मुताबिक नंदपुर सिल्किया निवासी जीवन बीमा एजेंट महानंद 14 सितंबर 2014 को बीमा का पैसा लेने के लिए रामनगर क्षेत्र में गया था। बीमा एजेंट शाम के समय विकलांग किशोरी को घर में अकेले देखकर घुस गया। किशोरी के विरोध करने के बाद भी उसने बलात्कार किया।
पीड़िता के भाई ने बीमा एजेंट का पीछा किया। बाद में ग्रामीणों ने बीमा एजेंट को पीटकर पुलिस के हवाले कर दिया। इस मामले में पुलिस ने धारा 376(02) और पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक श्वेता नेगी ने की।
अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बीमा एजेंट को नाबालिग के साथ बलात्कार का दोषी पाया। अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों को अदालत में पेश किया था।
अदालत ने बृहस्पतिवार को धारा 376( 2) के तहत जीवन बीमा एजेंट को 15 साल की कैद के साथ 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।