जबर्दस्ती शादी कराने से खफा एक युवती शादी के छह दिन बाद रिश्ता तोड़कर घर से भाग निकली। उसे देवीधुरा के पटवारी और कोतवाली पुलिस ने गुरुवार सुबह रोडवेज से बरामद कर लिया। पटवारी ने उसे एसडीएम पंकज उपाध्याय के समक्ष पेश किया। युवती ने कहा कि वह शादी नहीं करना चाहती थी। उसे पिता की जगह नौकरी चाहिए। ननिहाल के लोगों ने उसकी जबरदस्ती शादी करा दी। एसडीएम ने कहा कि युवती बालिग है, इसलिए वह अपना निर्णय लेने के लिए आजाद है।
चंपावत जिले के सिमलखेत निवासी पुष्पा के पिता रोडवेज के कर्मचारी थे। उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है, जिस कारण पुष्पा अपने ननिहाल में रहकर पढ़ाई करती थी, लेकिन ननिहाल के लोगों ने छह मई को उसकी शादी कनवाड़ निवासी प्रकाश सिंह के साथ कर दी। शादी के बाद दुरगौना के समय 11 मई को मौका मिलने पर पुष्पा घर से भाग निकली। इस मामले में पटवारी केएस धोनी ने गुमशुदगी दर्ज की। सर्विलांस से पता चला कि युवती ऐशबाग हीरानगर हल्द्वानी में रह रही है।
इस पर पटवारी ने हल्द्वानी पुलिस की मदद से उसे रोडवेज के सामने से बरामद कर लिया। पुष्पा ने पुलिस को बताया कि शादी उसकी मर्जी के खिलाफ हुई है। पिता का आश्रित होने के कारण उसे रोडवेज की तरफ से आठ हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है। वह नौकरी करना चाहती है और रोडवेज में आवेदन भी कर चुकी है। आरोप लगाया कि ननिहाल के लोगों ने उसके पैसे से शादी की है। मां के जेवरात भी ननिहाल में है। पटवारी ने युवती को एसडीएम के समक्ष पेश किया, जिस पर एसडीएम ने उसके बालिग होने पर उसे छोड़ दिया। पुष्पा ने आशंका जताई कि ननिहाल के लोग उसे मार सकते हैं। इस कारण वह ननिहाल नहीं जाना चाहती।