फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर में पड़ा मिला होटल व्यवसायी का शव

Sun, 03 Sep 2017 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी।  
विज्ञापन
- फोटो : demo pic
विज्ञापन
बनभूलपुरा की लाइन नंबर एक में बुजुर्ग होटल व्यवसायी का शव घर के अंदर पड़ा मिलने से सनसनी मच गई। जब भतीजा ईद की खुशियां बांटने घर के अंदर गया तब मौत की जानकारी हुई।
विज्ञापन


मौके के हालात देखककर घर वालों ने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि पुलिस मौत के कारणों का पता नहीं लगा पाई है। अब भी हत्या, आत्महत्या या बीमारी से मौत में उलझी हुई है।

लाइन नंबर एक निवासी 80 वर्षीय मोहम्मद इदरीश का गली के नुक्कड़ पर ही हनीफ होटल है। वह गली में ही पत्नी जरीना बेगम के साथ रहते थे। उनकी कोई संतान नहीं थी। पत्नी जरीना बेगम दो दिन पहले ही ईद मनाने मायके काशीपुर गई हुई थी।
विज्ञापन


इन दिनों घर में वह अकेले थे। होटल से ही उनके लिए खाना पहुंचता था। शनिवार को ईद के मौके पर दोपहर में करीब 12.30 बजे भतीजा आसिफ उनके घर पहुंचा तो देखा कि वह कमरे में पलंग पर लेटे हुए हैं। उसने चाचा को आवाज दी लेकिन कोई हलचल नहीं हुई।

जब उसने नजदीक जाकर देखा तो चाचा की मौत हो चुकी थी। इसी बीच भाई दानिश और खालिद भी पहुंच गए। सीओ सिटी डीसी ढौढियाल और एसओ वन भूलपुरा प्रताप सिंह नेगी ने घटनास्थल का मुआयना किया। इदरीश के दो भाई मो. हनीफ और मो. कदीर का पहले ही इंतकाल हो चुका था। 

बड़े बाबू नाम से जानते थे लोग

इदरीश मियां सरल और धार्मिक स्वभाव के थे। इसी वजह से मोहल्ले के सभी लोग उन्हें बड़े बाबू कहलाते थे। दीनी होने की वजह से वह लंबे समय तक जामा मस्जिद के खजांची भी रहे थे लेकिन तबीयत बिगड़ने पर इन दिनों काम नहीं देख रहे थे।

सीसीटीवी फुटेज पर टिकी जांच की सुई

बुजुर्ग की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस की जांच इदरीश के घर के सामने व आसपास लगी दुकानों की सीसीटीवी फुटेज पर टिक गई है। पुलिस सभी कैमरों की सीसीटीवी फुटेज भी कब्जे में लेने की तैयारी कर रही है।

ये सवाल तो अनुत्तरित हैं

35 हजार और एक मोबाइल गायब 

इदरीश के भतीजे दानिश का दावा है कि चाचा कमरे में हर समय 30-40 हजार रुपये रहते थे। उनके कमरे से 35 हजार रुपये और एक मोबाइल गायब है। अगर मोबाइल की तलाश की जाए तो मौत की गुत्थी सुलझ सकती है।

दरवाजा कैसे खुला था

परिजनों के मुताबिक करीब डेढ़ महीने पहले उनके कमरे से 53 हजार रुपये गायब हो गए थे। एक बार उन्होंने भांजी दामाद निजामुद्दीन को भी फोन कर बताया था कि कमरे में कोई आया है।

इस घटना के बाद से वह कमरे का दरवाजा बंद रखते थे जब कोई पहचान का आवाज देता था तभी दरवाजा खोलते थे। शनिवार को जब भतीजे गए तो दरवाजा पहले खुला हुआ था जो मौत को शक के घेरे में खड़ा करता है।

हाथ पर रगड़ और खून के निशान कैसे आए

पुलिस का दावा है कि बुजुर्ग की बीमारी से मौत हुई लेकिन मृतक के सीधे हाथ पर कोहनी के पास में रगड़ और खून के ताजा निशान थे जो मृतक की किसी से संघर्ष की ओर इशारा करता है। हालांकि पुलिस का दावा है कि पुरानी चोटी पर रगड़ होने से आए होंगे।

घर में नगदी वगैरह सभी सुरक्षित है। मृतक काफी समय से बीमार थे, प्रथम दृष्टया तो प्राकृतिक मौत प्रतीत होती है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सही वजह पता चल जाएंगी। फिर भी मौत की हर दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन

-डीसी ढौंढियाल, सीओ सिटी, हल्द्वानी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें