काठगोदाम पुलिस ने रोडवेज के एक परिचालक के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
आरोप है कि परिचालक ने फर्जी मुहर बनवाकर कई एमएसटी जारी की थी। जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ने के बाद रोडवेज प्रबंधन ने परिचालक को निलंबित कर दिया।
इस मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक राजेंद्र कुमार को सौंपी गई है। परिवहन निगम के अधिकारियों ने 20 और 21 जुलाई को हल्द्वानी से रुद्रपुर जाने वाली जेएनएनयूआरएम की बसों की जांच की।
चेकिंग में सात फर्जी एमएसटी पकड़ी गईं। चेकिंग के दौरान परिचालक बस छोड़कर भाग गया। मामले में परिवहन निगम काठगोदाम के स्टेशन प्रभारी मधुसूदन मिश्रा ने जांच के बाद परिचालक अरविंद गुप्ता को निलंबित कर दिया।
बताया गया कि परिचालक ने मुहर बनवाकर बड़ी संख्या में फर्जी एमएसटी तैयार की थी। उसने अपने करीबियों को घूमने के लिए एमएसटी बांटे थे।
सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी के निर्देश पर काठगोदाम पुलिस ने तहरीर के आधार पर गली नंबर आठ हल्द्वानी में रहने वाले परिचालक अरविंद गुप्ता के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। काठगोदाम थाने के उपनिरीक्षक राजेंद्र कुमार मुकदमे की जांच कर रहे हैं।