जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में पति, सास और ससुर को दोषी ठहराया है। मामले में 22 अगस्त को दोषियों को सजा सुनाई जाएगी।
शीशमहल काठगोदाम में 24 अगस्त 2012 को हेमलता पत्नी भाष्कर तिवारी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत हालत में मिली थीं।
25 अगस्त 2012 को टपकेश्वर महादेव मंदिर गढ़ी कैंट निवासी हेमलता के पिता ने काठगोदाम थाने में हेमलता के पति भाष्कर तिवारी, ससुर भुवन तिवारी और सास शांति देवी पर अपनी पुत्री की दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
उनका कहना था कि उनकी पुत्री की शादी भाष्कर तिवारी के साथ 14 जून 2010 को हुई थी। दो साल दो माह और 14 दिन बाद बेटी की दहेज के लिए हत्या कर दी।
जबकि शादी में उन्होंने अपनी हैसियत के हिसाब से दहेज दिया, लेकिन ससुराल वाले आए दिन दहेज के लिए उसका उत्पीड़न करते रहे। अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह पेश किए गए।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद हेमलता के पति, ससुर और सास को दहेज हत्या और दहेज के लिए प्रताड़ित करने का दोषी करार दिया।
इस समय भाष्कर तिवारी जेल में हैं। जबकि जिला एवं सत्र न्यायाधीश का फैसला आने के बाद बुधवार को हेमलता की सास और ससुर को भी जेल भेज दिया गया। इन तीनों को 204 बी, 498 ए और दहेज के लिए प्रताड़ित करने के एक्ट 3/4 दोषी करार दिया गया है।