देहरादून से डीएनए रिपोर्ट आने पर पता चला कि दो साल पहले कालाढूंगी में मिली लाश चालक इमरान थी। लाश सड़ी-गली हालत में होने के कारण माता- पिता इमरान की शिनाख्त नहीं कर पाए थे। एसएसपी के निर्देश पर इस हत्या की जांच मानव वध सेल को दी गई है।
बनभूलपुरा के उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि 10 अगस्त 2013 को शानू ने कोतवाली थाने में अपने चालक की गुमशुदगी दर्ज करायी थी। बताया कि उसका चालक लाइन नंबर 17 निवासी इमरान कार लेकर गायब हो गया है। चालक के गायब होने पर कार कोटाबाग में मिली थी।
इसके कुछ दिन बाद चालक इमरान का शव भी कालाढूंगी के पास झाड़ियों में मिला था। शव को जानवरों ने नोंचा था और सड़ी गली हालत में था। घटना के बाद लाइन नंबर 17 निवासी रेशमा अपने पति के साथ कालाढूंगी गई थी लेकिन बेटे के शव को पहचान नहीं पायी।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया लेकिन जबड़े को डीएनए जांच के लिए सुरक्षित रख लिया। डीएनए जांच के लिए पुलिस ने देहरादून स्थित लैब में सैंपल भेजा था।
डीएनए की रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है कि शव इमरान का ही था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताती है कि इमरान की धारदार हथियार से हत्या की गई थी। इस मामले में कातिलों को गिरफ्तार करने के लिए मानव बध सेल जांच करेगा।