डीआईजी पीएस सैलाल ने कहा कि नेपाल में आपदा के बाद काफी महिलाएं, पुरुष और बच्चे रोजगार की तलाश में भारत आ रहे हैं। मानव तस्करी की आशंका को देखते हुए सीमा पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल के साथ एक स्वयंसेवी संस्था भी काम कर रही है। नेपाल पुलिस के सहयोग से मानव तस्करी को रोकने के लिए काफी युवतियों और महिलाओं को वापस भेजा गया है। माओवादियों के आने की आशंका के मद्देनजर पुलिस को सतर्क किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से पुलिस के साथ सतर्कता बरत रही हैं।
डीआईजी ने त्रैमासिक अपराध समीक्षा के लिए बुधवार को रेंज के सभी छह जिलों के पुुलिस अधीक्षकों, सीमा पर तैनात एसओटीएफ को एसएसपी के कार्यालय में बुलाया। इस दौरान नेपाल सीमा की समस्या पर गंभीरता से विचार किया गया। पुलिस अधिकारियों को गोपनीय टिप्स भी दिए गए। डीआईजी ने समीक्षा में पाया कि नैनीताल पुलिस ने कानपुर के चोरों की गैंग को पकड़कर बेहतर काम किया है, लेकिन पहाड़ के जिलों में सेंधमारी की घटनाएं बढ़ी हैं। ऊधमसिंह नगर में वाहन चोरी और उचक्कागिरी की घटनाएं बढ़ रही हैं।
पुुलिस अधीक्षकों को चोरी की घटनाएं रोकने के लिए सख्त हिदायत दी गई है। खनन रोकने के लिए एसपी ऊधमसिंह नगर को डीआईजी ने पुलिस बल को अलर्ट करने के निर्देश दिए। बैठक में नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा के पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।