इमलीघाट गौला निकासी गेट पर अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बेखौफ खनन माफिया ने मंगलवार रात इमलीघाट निकासी गेट स्थित वन विभाग का बैरियर तोड़ दिया। अलबत्ता विभाग मामले को दबाने की कोशिश में लगा है।
इमलीघाट निकासी गेट अवैध खनन के लिए पहले से ही बदनाम है। जैसे-जैसे गौला में खनन समाप्ति की ओर है, इमलीघाट गेट से अवैध खनन बढ़ गया है।
मंगलवार रात खनन माफिया ने अवैध खनन रोकने के लिए लगाए इमलीघाट निकासी गेट का बैरियर तोड़ दिया। विभाग के कर्मचारियों ने अब तक उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी है। साथ ही गुपचुप तरीके से मामले को दबाते हुए बुधवार सुबह बैरियर के खंभे गाढ़ दिए, लेकिन बैरियर नहीं लगाया जा सका। वन क्षेत्राधिकारी गौला चंद्रशेखर पांडे ने बताया कि उन्हें बैरियर तोड़ने की कोई जानकारी नहीं है।
बिना तौल कराए ट्रैक्टरों से ले जा रहे उपखनिज
बिंदुखत्ता (नैनीताल)। इमलीघाट गेट से शक्तिफार्म को जाने वाले ट्रैक्टर बिना तौल कराए 150 क्विंटल से अधिक उपखनिज नदी से ले जा रहे हैं और रायल्टी गौला से पार जाने वाले ट्रैक्टरों में कटा रहे हैं। इससे विभाग को प्रतिदिन हजारों का नुकसान हो रहा है।