जिला एवं सत्र न्यायाधीश एनएस धानिक की अदालत से नौकरी का झांसा देकर साढ़े पांच लाख रुपए की ठगी करने के आरोपी के जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया गया।
कृष्णा जोशी निवासी हल्द्वानी ने पांच फरवरी 2015 को कोतवाली में दी तहरीर में उसके साथ नौकरी देने के नाम पर साढ़े पांच लाख रुपए की ठगी होने की शिकायत की थी। कहा कि मोबाइल पर उसकी दोस्ती मीनाक्षी से हुई थी, जिसने उसे एक निजी बैंक का मैनेजर बताया। बाद में उसने नौकरी के लिए अपने पति कुलदीप शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा निवासी बुलंदशहर को उससे मिलवाया।
उन्होंने नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कापरेटिव बैंक से रुपए निकालकर पांडुनगर कानपुर स्थित एक्सएस बैंक में साढ़े पांच लाख रुपए भी जमा कराए। मंगलवार को आरोपी मीनाक्षी का जमानत प्रार्थना पत्र जिला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। डीजीसी सुशील शर्मा ने बताया कि संबंधित के खिलाफ पूर्व में यूएस नगर में भी ऐसा ही धोखाधड़ी का मामला चल रहा है। जिसके आधार पर न्यायालय ने जमानत खारिज कर दी।