हल्द्वानी। सड़क हादसे में मृत कैप्टन रक्षित भैसोड़ा के पार्थिव शरीर को रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर जाट रेजीमेंट के साथियों ने अंतिम सलामी दी। परिजनों ने गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया।
अल्मोड़ा जिले के भैसाड़ी गांव के मूल निवासी सेना के कैप्टन रक्षित भैसोड़ा (23) की जम्मू में बुधवार देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई थी। परिजनों को पता चला कि जम्मू में लाले दा बाग क्षेत्र में अकालपुर चौक के निकट रक्षित की क्रेटा कार एक पोल से जा टकराई थी। हादसे में रक्षित के साथी लेफ्टिनेंट रणविजय गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जाट रेजीमेंट के कैप्टन अंशुल यादव जम्मू से शव को लेकर शुक्रवार सुबह कलावती कालोनी पहुंचे।
यहां शव को देखते ही माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए चित्रशिला घाट रानीबाग पहुंचे। शवयात्रा में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर बीएस रौतेला, कर्नल बीडी कांडपाल, कर्नल आरएस राना, कर्नल एलएस बजेठा, कर्नल गंगा सिंह, नरेंद्र सिंह बोरा, ललित सिंह चुफाल, मेजर रोशनलाल, मेजर बीएस मेहरा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह बिष्ट आदि काफी संख्या में लोग शामिल हुए।
घाट पर स्टेशन कमांडर कर्नल बीएस साई, हेमपुर स्टेशन के कमांडर कर्नल विकास डिमरी, मेजर संदीपिका, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय, एसडीएम एपी बाजपेई आदि भी थे। घाट पर चाचा बहादुर सिंह के साथ परिजनों ने शव को मुखाग्नि दी। इकलौता बेटा खोने पर लोग अश्रुपूरित आंखों से पिता को सांत्वना दे रहे थे।
जाट रेजिमेंट के सात जवानों ने 21 राउंड फायरिंग कर साथी कैप्टन रक्षित के शव को सैन्य सम्मान प्रदान किया। शस्त्र उल्टा कर अंतिम सलामी दी गई। सेना के इस कार्यक्रम को देखकर कुछ देर के लिए लोग भावुक हो गए। बता दें कि रक्षित को कमीशन मिलने के बाद जाट रेजिमेंट में नियुक्ति मिली थी। कुछ समय जाट रेजिमेंट बरेली के बाद उन्हें जम्मू में पहली तैनाती मिली थी।
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