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चाचा मिस्त्री बुलाने गया, भतीजे ने फांसी लगा ली

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हल्द्वानी। बदरीपुरा में 18 साल के युवक ने साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय वह घर में अकेला था। उसके चाचा स्कूटी ठीक करने वाले मिस्त्री को बुलाने गए थे। मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है।
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सार्थक अग्रवाल (18) पुत्र स्व. राजीव अग्रवाल अपने चाचा संजीव अग्रवाल के साथ रहता था। चाचा संजीव कागज, गत्ते का कमीशन एजेंट का काम करते हैं। सोमवार की शाम सार्थक स्कूटी भिड़ा कर ले आया था। मंगलवार की सुबह चाचा ने खाना बनाकर खिलाया और स्कूटी की मरम्मत के लिए मिस्त्री को बुलाने चले गए। थोड़ी देर बाद लौटे तो कमरे का दरवाजा नहीं खुला। उन्होंने पहले आवाज दी फिर फोन किया। कोई जवाब न मिलने पर किरायेदारों की मदद से दरवाजा तोड़ कर अंदर घुसे तो दंग रह गए।

सार्थक पंखे के कुंडे पर फांसी का फंदा बनाकर लटका हुआ था। उसे बेस अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी गई है। चाचा संजीव अग्रवाल ने बताया कि सार्थक ने आत्महत्या क्यों की है इसकी जानकारी नहीं है।
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पिता ने भी की थी आत्महत्या
सार्थक के पिता राजेश अग्रवाल ने भी 2004 में सुसाइड किया था। तब से वह और उसकी मां चाचा के साथ ही रहते थे। साल 2017 में उसकी मां प्रीती अग्रवाल का कैंसर से निधन हो गया था। परिचितों की मानें तो कई रिश्तेदारों ने आत्महत्या की है।

मिलनसार था सार्थक
पड़ोसियों की मानें तो सार्थक बेहद हंसमुख और सरल मिजाज का लड़का था। वह दिन भर घर में रहता, टीवी देखता था। शाम को दोस्तों के साथ जाया करता था, समय से घर पहुंच जाया करता था। कभी किसी से उसका झगड़ा नहीं होता था।
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बदरीपुरा की घटना, मौत के कारणों का नहीं चल सका पता
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