हल्द्वानी। फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर गौलापार में भू माफिया ने 22 बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया। हल्दूचौड़ में भी एक रिटायर्ड अधिकारी से 19 लाख रुपये लेकर जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। दोनों मामलों की जांच एसआईटी कर रही हैं। आईजी रेंज पर्दे के पीछे काम करने वाले भू माफिया पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए हैं।
एसआईटी के प्रभारी नरेश चंद्र ने बताया कि गौलापार में 22 बीघा जमीन हड़पने के लिए भू माफिया ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र लगाकर जमीन नेपाल के व्यक्ति के नाम से कर दी। इस मामले में शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस कार्रवाई की भनक मिलते ही नेपाल का व्यक्ति गायब हो गया है। इसी प्रकार हल्दूचौड़ में एक रिटायर्ड अधिकारी केदार मिश्रा से जमीन के लिए 19 लाख रुपये ले लिए गए। रिटायर्ड अधिकारी ने मकान बनाने का काम शुरू किया ही था कि उन्हें हार्ट अटैक हो गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए चेन्नई ले जाया गया। आरोप है कि इस बीच कुछ लोगों ने वहां दो मंजिला मकान बनवाकर जमीन को दूसरे को बेच दी। इस मामले में एक जनप्रतिनिधि का नाम सामने आया है। आईजी रेंज पूरन सिंह रावत ने बताया कि जिले में कुछ भू माफिया जमीन के नाम पर रिटायर्ड अधिकारियों को निशाना बना रहे हैं। वे पैसा लेने के बाद जमीन भी हड़प रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ गैंगस्टर के तहत कार्रवाई करने के लिए विधिक राय ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों से ऐसे भू माफिया पर सख्त कदम उठाने की हिदायत दी गई है।
जमीन संबंधी 10 मुकदमों और 24 शिकायतों की जांच शुरू
हल्द्वानी। आईजी पूरन सिंह रावत ने जमीन संबंधी 10 मुकदमों और 24 शिकायतों प्रार्थनापत्रों की समीक्षा की। उन्होंने तीन माह में विवेचना निस्तारित करने के निर्देश दिए।
आईजी ने कैं प कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि जमीन की खरीद फरोख्त के मामले में नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के दस मुकदमे दर्ज किए गए हैं। एसआईटी 24 प्रार्थनापत्रों की जांच कर रही हैं। छह मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर आईजी ने नाराजगी जताई है। बैठक में रुद्रपुर के एसपी देवेंद्र सिंह पिंचा, हल्द्वानी के एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव, सीओ डीसी ढौडियाल, एसआईटी प्रभारी नरेश चंद्र आदि मौजूद थे।