एनएच 74 घोटाले के आरोपी बिल्डर सुधीर चावला को उसी की प्राइवेट गाड़ी में घूमना और रेस्टोरेंट में ले जाकर दावत उड़ाना दो सिपाहियों को भारी पड़ गया। वीडियो वायरल होने के बाद की गई जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने दोनों सिपाहियों को शनिवार को निलंबित कर दिया।
एसएसपी ने इस मामले की जांच एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव को सौंपी थी। एसपी ने प्राथमिक जांच में पाया कि 24 नवंबर को बनभूलपुरा थाने के सिपाही तालिब हुसैन और पुलिस लाइन में तैनात सिपाही ललित मोहन को बिल्डर सुधीर चावला को अदालत में पेश कराने के लिए रुद्रपुर भेजा गया था। दोनों सुधीर को प्राइवेट गाड़ी में लेकर गए। साथ ही नैनीताल रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में पुलिसकर्मियों ने खाना खाया था। इस बीच किसी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो फुटेज तैयार कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वायरल वीडियो में बताया गया कि पुलिसकर्मियों ने आरोपी बिल्डर को पूरी छूट दे रखी थी। एसएसपी सुनील कुमार मीणा का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच एसपी सिटी ही करेंगे।
जेलर का आरोप, बिल्डर बना रहा है दबाव
नैनीताल कारागार के जेलर ने आरोप लगाया है कि बिल्डर सुधीर चावला उन पर और अन्य कर्मचारियों पर दबाव बना रहा है। इस मामले में डीएम को पत्र भेजा गया है। डीएम का कहना है कि पत्र देखने के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। एनएच 74 घोटाले के आरोपी बिल्डर सुधीर चावला, निलंबित अधिकारी डीपी सिंह सहित तीन लोग नैनीताल जेल में बंद हैं। जेलकर्मियों का आरोप है कि सुधीर चावला अपनी बैरक से दूसरी बैरक में घूमते फिरने की कोशिश करता है। मना करने पर वह हड़काता है। जेल नियमावली के अनुसार एक कैदी अन्य बैरक में घूम नहीं सकता है। आरोप है कि तलाशी का नाम सुनते ही जेल अधिकारियों को भी हड़काने लगता है। एसटीएच से डिस्चार्ज होने के बाद बिल्डर के साथ एक बड़ा बैग भी था। आरोप है कि तलाशी लेेने पर वह जेल कर्मियों पर बरस पड़ा। चर्चा है कि जेलर रमेश भारती ने घटना के संबंध में डीएम को गंभीर पत्र भेजा है।