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भाजपा नेता के हमले में दो गिरफ्तार

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हल्द्वानी। भाजपा नेता समीर आर्या पर हमले के मामले में कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों को घटना के नौ दिन बाद आवास विकास मोड़ से गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। दोनों आरोपियों के पकड़े जाने पर काफी समर्थक थाने में पहुंच गए, लेकिन उनकी कोई बात नहीं बनी। इस मामले में मुख्य आरोपी गुरप्रीत सिंह प्रिंस सहित तीन आरोपियों को पुलिस अभी तलाश रही है।
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भाजपा नेता समीर आर्या और उनकी पत्नी सोनू पर तीन जनवरी को हमला हुआ था। इस मामले में कांग्रेस नेता गुरप्रीत प्रिंस सहित पांच नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और एससी-एसटी की धाराओं के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल इस मुकदमे की जांच कर रहे हैं। इधर कांग्रेस नेता की तरफ से भाजपा नेता समीर आर्या और उनके साले के खिलाफ मारपीट और धर्म के खिलाफ कार्य करने का मुकदमा पुलिस ने दर्ज किया था। इस मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक भगवान गिरी गोस्वामी कर रहे हैं। शुक्रवार को सीओ के निर्देश पर भोटिया पड़ाव के नए चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी ने आवास विकास मोड़ पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए लोगों में रामपुर रोड गली नंबर छह निवासी तरनप्रीत सिंह और आवास विकास कालोनी निवासी छात्रनेता हर्षित जोशी शामिल हैं। इस मामले में पुलिस कांग्रेस नेता गुरप्रीत सिंह प्रिंस सहित तीन नामजद लोगों की तलाश कर रही है। मुकदमे के विवेचक क्षेत्राधिकारी की तबियत खराब होने के कारण पुलिस ने अभी अज्ञात लोगों को चिन्हित नहीं किया है।

हाइकोर्ट में डाला था कैबिएट
हल्द्वानी। भाजपा नेता समीर आर्या का कहना है कि हमले के आरोपियों ने हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी लेकिन उन्होंने हाइकोर्ट के अलावा सुप्रीम कोर्ट में भी कैबिएट डाल दिया था ताकि ऊपरी अदालत में वादी का पक्ष भी सुना जा सके। अदालत से आरोपियों को राहत नहीं मिल सकी। इस मामले में वह मुख्य आरोपी सहित अन्य लोगों को गिरफ्तार करने के लिए एसएसपी से गुहार लगाएंगे।
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प्रदर्शन नहीं हुआ कारगर
कांग्रेस नेताओं ने गिरफ्तारी से बचने के लिए एसपी सिटी कार्यालय पर दो बार प्रदर्शन किया लेकिन प्रदर्शन से राहत नहीं मिल सकी। इस मामले में पुलिस को सबसे दिक्कत एससी एसटी एक्ट से हो रही थी। इस एक्ट की जांच रिपोर्ट समय सीमा के अंदर करनी होती है।
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