हल्द्वानी। हिस्ट्रीशीटर और गैंगेस्टर ने होली के दिन हाइडिल गेट चौराहे पर सरेआम गुंडई कर दी। पत्रकार की गाड़ी रोककर हमला किया। जान से मारने की नीयत से तमंचा लेकर उसे दौड़ा दिया। आधे घंटे बाद दोनों बदमाश एक ढाबा मालिक से भिड़ गए। आरोप है पैर छूने से मना करने पर वहां ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। काठगोदाम पुलिस दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने छापा मारा मगर दोनों गायब मिले।
जागनाथ कॉलोनी निवासी पत्रकार मोहन भट्ट बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे अपने दोस्त के साथ होली मिलने के लिए काठगोदाम की तरफ जा रहे थे। हाइडिल गेट चौराहे पर हिस्ट्रीशीटर भारत भूषण उर्फ भानू और गैंगेस्टर वीरेंद्र बोरा ने उनकी गाड़ी रोक ली। आरोप है कि दोनों ने तमंचा निकालने के बाद उसके बट से मुंह पर वार किया। भागने पर तमंचा लेकर दौड़ा लिया। पत्रकार ने घर भागकर अपनी जान बचायी। आधे घंटे बाद काठगोदाम पुलिस को फायरिंग की शिकायत मिली। शीशमहल निवासी ढाबा मालिक हिमांशु तिवारी ने पुलिस को बताया कि बदमाश भारत भूषण और वीरेंद्र बोरा बृहस्पतिवार दोपहर डेढ़ बजे हाइडिल तिराहा मंदिर के पास अपनी सफारी गाड़ी से उतरे। दोनों ने गाली देते हुए पैर उनसे छूने के लिए कहा, इनकार करने पर दोनों ने हमला करने के बाद तमंचे से दो राउंड फायरिंग की लेकिन ढाबा मालिक बच निकला। दोनों ने ढाबा मालिक को जान से मारने की धमकी दी है। पुलिस ने दोनों बदमाशों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया है।
हिस्ट्रीशीटर और गैंगेस्टर की सरेआम गुंडई
हाइडिल गेट चौराहे पर पत्रकार पर हमला किया फिर ढाबे पर ताबड़तोड़ फायरिंग, मुकदमा दर्ज
सफेदपोशों के संरक्षण के चलते बढ़ा मनोबल
हल्द्वानी। हिस्ट्रीशीटर भारत भूषण और गैंगेस्टर वीरेंद्र बोरा शहर के लिए नए बदमाश नहीं हैं। सफेदपोशों का संरक्षण मिलने के कारण दोनों का मनोबल बढ़ता जा रहा है।
पुलिस रिकार्ड के अनुसार शीशमहल का रहने वाला हिस्ट्रीशीटर भारत भूषण उर्फ भानू ने टैक्सी यूनियन का तथाकथित अध्यक्ष बनने के बाद पांच साल पहले अपनी दादागिरी शुरू की थी। हिस्ट्रीशीटर को सफेदपोशों का संरक्षण प्राप्त था। इस कारण छोटे मामलों में उसके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं होता था। काफी शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास और बलवा का मुकदमा दर्ज किया। पिछले साल हिस्ट्रीशीटर पर भीमताल क्षेत्र में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। गिरफ्तारी के बाद उसे जमानत भी मिल गई। दो साल पहले काठगोदाम पुलिस ने भानु की हिस्ट्रीशीट खोली तो पता चला कि उसके खिलाफ गुंडा एक्ट सहित आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। वहीं आरटीओ रोड निवासी गैंगेस्टर वीरेंद्र बोरा के खिलाफ आठ मुकदमे पहले से दर्ज हैं। मुखानी थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत ने बताया कि वीरेंद्र के खिलाफ कुछ माह पहले गुंडा एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। अभी उसके जिला बदर की कार्रवाई का मामला विचाराधीन है। पुलिस की जांच में पता चला कि वीरेंद्र अपने गिरोह के साथ दमुवाढूंगा और उसके आसपास करोड़ों की जमीन को लेकर बिचौलिये का काम करता है। छह साल पहले श्याम खेत में दोहरे हत्याकांड के मामले में वीरेंद्र का नाम सुर्खियों में आया था। एसएसपी सुनील कुमार मीणा का कहना है कि दोनों बदमाशों का मनोबल तोड़ने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।