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जेल में बंदियों की संख्या देखकर घबरा गया था पीपी

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mumbai don
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हल्द्वानी। जेल में बंदियों की अधिक संख्या देखकर प्रकाश पांडे (पीपी) घबरा गया था। सुरक्षा व्यवस्था के चलते उसे साथियों से मिलने में परेशानी होने लगी थी। शायद इसी कारण उसने जेल में यहां न रहने की इच्छा जताई थी।
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पीपी दो साल पहले नैनीताल जेल में बंद था। उस समय तत्कालीन एसएसपी ने पीपी के खिलाफ रिपोर्ट दी थी। पुलिस ने बताया कि पीपी जेल में रहकर गिरोह संचालित करने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने उसे अल्मोड़ा जेल भेज दिया था। इस बार दो सितंबर को हल्द्वानी कारागार में आया तो बंदियों की संख्या देखकर घबरा गया। उसे अंदर टहलने और घूमने में दिक्कत हो रही थी। सुरक्षा व्यवस्था के चलते साथियों से मुलाकात नहीं हो रही थी। सभी बैरकों में ऊधमसिंह नगर के कैदी दिखाई दे रहे थे। एलआईयू भी उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी ले रही थी। पुलिस का कहना है कि वह डर गया था। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने बताया कि पीपी ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक को लिखित रूप से दिया कि वह यहां नहीं रह सकता है। इसी आधार पर डीएम ने उसे पौड़ी जेल स्थानांतरित करने का आदेश जेल अधीक्षक को दिया।


अंडरवर्ल्ड से नही मिला सहयोग
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के खिलाफ गिरोह संचालित करने वाले मुंबई के छोटा राजन ने कभी पीपी गिरोह का सहयोग लिया था। नेपाल में अपनी बादशाहत कायम रखने के लिए छोटा राजन ने पीपी के गुर्गों को काफी कारगर मानता था। इसी गिरोह के बदौलत उसने नेपाल में अपने दुश्मनों को ठिकाने लगाया लेकिन राजन के जेल में बंद होने से दोनों के बीच संबंध टूट गए। सूत्रों का कहना है कि अब अंडरवर्ल्ड से पीपी को मिलने वाली आर्थिक मदद भी बंद हो गई है। नैनीताल जेल में बंद होने पर सफेदपोशों ने काफी मदद की थी। इसकी भनक मिलने पर पुलिस प्रशासन ने उसे हटाने का निर्णय लिया था।
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