हल्द्वानी। चंपावत में सड़क हादसे के शिकार गौरव पांडे को हरिपुर नायक सैनिक कालोनी हल्द्वानी में रहने वाली बुआ पूर्णिमा भट्ट ने बेटे की तरह पाला और हाइस्कूल तक पढ़ाया लिखाया था। पिता की मौत की वजह से गौरव के परिवार की देखभाल करने वाला नहीं था। भतीजे की मौत की जानकारी मिलते ही पूर्णिमा भट्ट निढाल होकर गिर पड़ी।
पूर्णिमा भट्ट के पति उद्यान विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी जीवी भट्ट ने बताया कि गौरव के पिता गोविंद बल्लभ पांडे की 2002 में बीमारी के चलते मौत हो गई थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बुआ पूर्णिमा ने ही गौरव को सीमा पब्लिक से प्राइमरी और हर गोविंद सुयाल से हाइस्कूल कराया था।
यहां से निकलने के बाद वह गुरुग्राम स्थित रेस्टोरेंट में काम करने लगा। पिछले दो सालों से वह उनके घर नहीं आया। दो दिन पहले पूर्णिमा की गौरव से बात हुई थी। पता चला कि वह अपनी मां से मिलने जा रहा था। जीवी भट्ट के अनुसार गौरव की बहन गायत्री की हल्द्वानी में शादी कराई। गायत्री इस समय दिल्ली में हैं।
एक बार मौत के मुंह से निकला था
जीवी भट्ट के अनुसार आठ दिसंबर 2015 को गौरव सड़क हादसे का शिकार हुआ था। उसका पैर टूट गया। तब उसकी बहन की शादी की तैयारी चल रही थी। पूर्णिमा ने ही भतीजे का इलाज कराया था।
बीमार हैं दादी
पड़ोसियों ने बताया कि गौरव की दादी बीमार पड़ी हैं। वह पूर्णिमा के साथ सैनिक कालोनी में रह रही हैं। बुआ के अलावा पड़ोस के लोग भी गौरव के मौत की खबर सुनकर गमगीन हो गए।