हल्द्वानी। कबूतरबाजी के मुकदमे में सिर्फ धोखाधड़ी की धाराएं सीमित नहीं होगी। पुलिस को अब ऐसे मुकदमों में इमिग्रेशन की धाराएं लगाना अनिवार्य होगा ताकि अपराधियों पर मजबूत शिकंजा कसा जा सके।
पुलिस मुख्यालय के अधिकारियोें ने समीक्षा के दौरान पाया कि नैनीताल सहित कुमाऊं के अन्य जिलों में कबूतरबाजी की घटनाएं हुई हैं। कई संस्थाओं ने मर्चेंट नेवी में नौकरी लगाने के नाम पर काफी संख्या में युवकों से पैसा लेकर उनको विदेश भेजा। घटना का खुलासा होने पर पुलिस ने सिर्फ धारा 420 और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई पूरी कर ली है। पुलिस के उच्चाधिकारियों को आशंका है कि इस प्रकार की विवेचना से विदेश के नाम पर अवैध कमाई करने वाले छूट सकते हैं। इस मामले में आईजी क्राइम दीपम सेठ ने जिला पुलिस को पत्र भेजकर अवगत कराया कि अब कबूतरबाजी की घटनाओं में पुलिस इमिग्रेशन के लिए 1983 में बनाए गए कानून के तहत धारा 10 और 24 को भी लगाए। विवेचक इमिग्रेशन की धाराओं के साथ विवेचना कर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में अधीनस्थ विवेचकों को इमिग्रेशन की धाराओं से अवगत कराया जाएगा।