हल्द्वानी। प्रेम टाकीज के पास निर्माणाधीन मॉल का लिंटर ढहने से एक मजदूर घायल हो गया। 12 मजदूरों ने भागकर जान बचाई। पुलिस की जांच में ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। पता चला है कि ठेकेदार ने मजदूरों का पुलिस सत्यापन भी नहीं कराया था। मॉल का बेसमेंट बनने से पांच मकान गिरने के कगार पर हैं।
ठेकेदार धनंजय गिरी अपने दो अन्य पार्टनरों के साथ प्रेम टाकीज के पास सड़क से सटी जमीन को 50 फीट खोदकर मॉल का निर्माण करा रहा है। सड़क से करीब 20 फीट नीचे लिंटर की ढलाई के पहले शटरिंग का काम चल रहा है। मंगलवार को 13 मजदूर शटरिंग के काम में जुटे थे। इस बीच अचानक मिट्टी की दीवार गिरने से उत्तर दिशा का हिस्सा खिसक गया और शटरिंग का एक हिस्सा गिर पड़ा। इस बीच बिहार के पूर्वी चंपारण बेतिया जिले के बसंतपुर छरदवाली निवासी जितेंद्र राय घायल हो गया। हादसे के बाद वहां भगदड़ मच गई। घायल मजदूर का स्थानीय चिकित्सालय में इलाज कराया। कोतवाल विक्रम सिंह राठौर, भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और ठेकेदार के दो मुंशी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दोनों ने बताया कि उन्होंने बिहार के मजदूरों का सत्यापन नहीं कराया था। उधर, चौकी प्रभारी ने पांच मकानों पर खतरे को दर्शाते हुए अपनी रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय को दी है। पुलिस का मानना है कि निर्माणाधीन मॉल के इर्द गिर्द ये मकान कभी भी गिर सकते हैं। ठेकेदार ने उनकी सुरक्षा का इंतजाम नहीं किया है।
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हेलमेट के चलते बची मजदूर की जान
घायल मजदूर जितेंद्र राय के साथी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि ठेकेदार ने काम करने के लिए हेलमेट उपलब्ध कराया था। दुर्घटना के समय जितेंद्र ने हेलमेट पहना था। इसी कारण उसकी जान बच गई। मजदूर चंदन ने बताया कि वे दस दिन पहले मजदूरी करने के लिए यहां आए थे। वे जवाहर नगर में रहते हैं। ठेकेदार प्रति मजदूर 500 रुपये मजदूरी देता है।
ठेकेदार का चालान, नोटिस भी दिया
हल्द्वानी। भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी का कहना है कि हादसे की आशंका के चलते ठेकेदार को 20 दिसंबर को नोटिस दिया गया था लेकिन उसने नोटिस तामील नहीं किया। ठेकेदार ने मॉल के निर्माण में सुरक्षा का उचित इंतजाम नहीं किए थे। पुलिस ने मजदूरों का पुलिस सत्यापन नहीं कराने पर ठेकेदार धनंजय गिरी का दस हजार रुपये का चालान किया है।
पहले भी हो चुका है यहां हादसा
हल्द्वानी। प्रेम टाकिज रोड पर निर्माणाधीन स्थल पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके यहां धड़ल्ले से नियमों को धता बताते हुए निर्माण काम जारी है। इसी साल गर्मियों में यहां खोदे गए बेसमेंट में सूमो गिर गई थी जिसमें सूमो में सवार यात्री बाल बाल बचे थे। निर्माण के नाम पर सड़क का एक बड़ा हिस्से में भी अतिक्रमण किया जा चुका है। इसके बाद भी इसकी जांच कराने की जहमत अधिकारियों ने नहीं उठाई है।
तीन मजदूरों की मौत मामले में ठेकेदार का नाम आया था
हल्द्वानी। आवास विकास कालोनी के सामने ठंडी सड़क स्थित निर्माणाधीन मिक्सचर प्लांट में रखे कंटेनर के नीचे दबने से 26 मार्च को लखीमपुर खीरी के तीन मजदूरों की मौत हो गई थी। उस समय आरोप था कि मॉल का निर्माण कराने वाला ठेकेदार धनंजय ने मध्यस्थता कराई थी। इसके एवज में ठेकेदार ने पैसे बंटवाए थे लेकिन ठेकेदार ने पुलिस जांच के दौरान पैसा दिलाने की बात से इनकार कर दिया था।
इस मामले में पुलिस ने लापरवाही बरतने के आरोप में मुंशी चंदन सिंह मेहरा को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के समक्ष शिकायत आई थी कि प्रेम टाकीज के समीप निर्माणाधीन मॉल का मालिक ठेकेदार धनंजय गिरी ने मध्यस्थता करने के बाद मजदूरों के परिजनों को मोर्चरी परिसर में लाखों रुपये मुआवजा के रुप में उपलब्ध कराया था। आरोप था कि उसने मौत का सौदा किया है। इस मामले में मॉल के मालिकों और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए गए थे लेकिन मुंशी के अलावा अन्य सभी लोग बरी हो गए। हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच हुई लेकिन कोई बयान देने के लिए नहीं आया और जांच फाइनल हो गई।
ठेकेदार को किसका संरक्षण
हल्द्वानी। मौके पर मौजूद ठेकेदार की भूमिका पर तरह-तरह की चर्चा कर रहे थे। उनका कहना था कि ठेकेदार के सिर पर रसूखदारों का हाथ है। इसी कारण वह बड़े ठेकों को हथियाने में सफल रहा है। बिहार का मूल निवासी ठेकेदार खुद कहता है कि वह हल्द्वानी में मजदूरी करने के लिए आया था लेकिन अपने काम और व्यवहार के बदौलत लोक निर्माण विभाग के बड़े ठेकों को हथियाने में कामयाब हो गया। खुद का मकान बनाने के साथ ही रसूखदारों लोगों के संपर्क में आने से उसकी किस्मत चमक गई। पिछली सरकार से जुड़े कई बड़े नेता और अधिकारी ठेकेदार के करीबी हुआ करते थे। कई नौकरशाह अब भी ठेकेदार के मददगार हैं।
एक मजदूर घायल, 12 ने भागकर बचाई जान, प्रेम टाकीज के पास हादसा
05 मकान गिरने के कगार पर हैं मॉल का बेसमेंट बनने से
500 रुपये मजदूरी में बिहार के मजदूर कर रहे हैं काम