कालाढूंगी (नैनीताल)। रामनगर वन प्रभाग के फतेंहपुर रेंज के कालीगाड़ बीट के चौसला कंपार्टमेंट में तस्करों ने खैर के 14 पेड़ काट डाले। घटना तीन-चार दिन पुरानी बताई जा रही है। इन पेड़ों की गोलाई डेढ़ मीटर के आसपास है। ग्रामीणों की सूचना के बाद वनकर्मियों को घटना का पता चला, इसके बाद रेंज के कर्मचारियों ने मौके का निरीक्षण किया।
बता दें कि तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने हाईवे पर स्थित भाखड़ा पुल से मात्र तीन सौ मीटर अंदर जंगल में बेखौफ होकर घटना को अंजाम दिया और वनकर्मियों को इसकी खबर घटना के तीन-चार दिन बाद लग पाई। तस्कर मौके पर कुछ लकड़ी छोड़कर बाकी सारा माल ले गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी कैलाश चंद्र पंत ने बताया कि तस्करों की धरपकड़ के लिए वनकर्मियों की टीम लगाई गई है।
तस्करों ने फतेहपुर रेंज में काटे खैर के 14 पेड़
लगातार पेड़ काटने की हो रही घटना, विभाग बेखबर
हत्थे नहीं चढ़े तस्कर
हल्द्वानी। अंतरराष्ट्रीय जू से काटे गए खैर एवं सागौन के मामले में तराई पूर्वी वन प्रभाग और जू की टीम अब तक तस्करों को पकड़ नहीं पाई है। उधर, वन विभाग की टीम ने किच्छा में खैर तस्करी के आरोपियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। बता दें कि बीते दिनों खैर के 45 और सागौन के 50 पेड़ों पर तस्करों ने आरी चला दी थी। इसके बाद वन विभाग में खलबली मच गई थी। तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह एक के बाद एक जंगल को साफ करते जा रहे हैं और वन महकमा मूकदर्शक बना है। तराई केंद्रीय के तहत हल्द्वानी रेंज, पीपलपड़ाव, भाखड़ा, टांडा, बरहैनी रेंज के जंगल में भी तस्कर आरी चला चुके हैं।