हल्द्वानी। पोस्टमास्टर के व्यवहार से खफा एजेंटों ने शुक्रवार को कोतवाली में प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि पोस्टमास्टर एजेंटों को अपमानित करते हैं। पुलिस ने शिकायती प्रार्थनापत्र मिलने पर आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली में उपनिरीक्षक प्रियंका मौर्या के समक्ष महिला एजेंटों ने आरोप लगाया कि पोस्टमास्टर चंद्रशेखर परगाई ने शुक्रवार को अपमानित शब्दों को प्रयोग किया। पोस्टमास्टर ने कहा कि एजेंटों को अपना काम एक बजे तक करना होगा। वहीं अकाउंटेंट 11 बजे तक एजेंटों को आने के लिए निर्देश देती है। महिलाओं के साथ थाने में पुरुष एजेंट भी आए थे। एजेंटों का कहना था कि उन्हें केंद्र सरकार से एफडी और आरडी जमा कराने का लाइसेंस मिला है। काफी एजेंट दो दशकों से कार्यरत हैं। पहले किसी पोस्टमास्टर ने काम में परेशानी पैदा नहीं की, लेकिन वर्तमान पोस्टमास्टर सात माह से परेशान कर रखा है। रामनगर और खटीमा में तैनाती के दौरान पोस्टमास्टर के व्यवहार के बारे में जांच होनी चाहिए। एसएसआई विजय सिंह मेहता ने इस मामले में प्रियंका को पूछताछ कर जांच करने के निर्देश दिए। थाने में लता पांडे, उमेश भट्ट, ममता जोशी, तारा शर्मा, राधेश्याम, लक्ष्मी गिरी, गिरीश बिनवाल, राधेश्याम, प्राची केसरवानी आदि थे।
पोस्टमास्टर के खिलाफ एजेंटों का कोतवाली में प्रदर्शन
- पोस्टआफिस में उपभोक्ताओं को असुविधा से बचाने के लिए एजेंटों के प्रवेश का समय दोपहर एक बजे के बाद निर्धारित किया गया है, लेकिन एजेंट सुबह से ही डाकघर में जमावड़ा लगा देते हैं। कई बार एजेंटों को समझाया गया है। एजेंटों के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया।- चंद्रशेखर परगाईं, पोस्टमास्टर प्रधान डाकघर।