रामनगर (नैनीताल)। मकान में मृत मिली वृद्धा के शव को पोस्टमार्टम के बाद मोहल्ले वालों ने चंदा करके रात में ही सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। साथ ही उसके मकान में मस्जिद का ताला लगा दिया। उधर, सुबह पहुंची वृद्धा की नातिन पहुंची तो मकान पर ताला देखकर हंगामा करने लगी। इस पर मोहल्ले वालों ने थाने पहुंचकर पुलिस को मामले की जानकारी दी।
रामनगर थाने पहुंचकर कॉर्बेट नगर पूछड़ी के मोहल्ले वालों ने शुक्रवार को बताया था कि 70 वर्षीय सुबरा पत्नी स्व. सफी अहमद के घर से बदबू आ रही थी। पुलिस को सूचना दी तो अंदर वृद्धा मृत पाई गई। पुलिस ने उसके दामाद को फोन किया, लेकिन वह नहीं आए। मोहल्ले वालों ने बताया कि वृद्धा की इकलौती पुत्री फातमा का निकाह चांदपुर जिला बिजनौर निवासी नईम परवेज के साथ हुआ था। पांच साल पहले फातमा का निधन हो चुका है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर इसे मोहल्ले वालों के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद मोहल्ले वालों ने चंदा करके शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया और मकान पर मस्जिद का ताला लगा दिया। शनिवार सुबह सात बजे वृद्धा का दामाद नईम और नातिन गजाला दिल्ली से पहुंचे। नातिन ने मकान में ताला लगा देख हंगामा कर दिया। उसने कहा कि यह मकान नानी से उसके नाम पर किया हुआ है। दोनों पक्षों के कोतवाली पहुंचने के बाद मोहल्ले वालों ने आरोप लगाया कि चार सितंबर को दामाद नईम आया था और उसके जाने के बाद से वृद्धा दिखाई नहीं दी। वृद्धा घर-घर जाकर बच्चों को उर्दू पढ़ाती थी। मोहल्ले वालों ने हत्या की आशंका जताई है। एसएसआई कश्मीर सिंह ने बताया कि मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। नईम, वाजिद खां, इकराम, ताहिर, इस्माइल, सद्दाम, मो. बशर, नूरजहां, कासिम, महफूज खान आदि थे।